
लातेहार जिला स्थापना के 25 वर्ष पर आंदोलनकारियों का सम्मान, संघर्ष और एकता को किया गया नमन
लातेहार: जिला स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जुबली रोड स्थित होटल कार्निवाल में लातेहार जिला निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री केएन त्रिपाठी, समिति के संयोजक मुरली प्रसाद सहित अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
मुरली प्रसाद ने आंदोलनकारियों के संघर्ष और एकता को किया नमन
इस अवसर पर जिला निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए संयोजक मुरली प्रसाद ने कहा कि लातेहार जिला निर्माण में संघर्ष समिति की भूमिका अत्यंत अहम रही है। वर्षों तक चले संघर्ष, त्याग और जन-एकजुटता के बल पर ही लातेहार, पलामू से अलग होकर झारखंड का 19वां जिला बन सका।

उन्होंने कहा कि स्थापना के 25वें वर्ष पर उन सभी आंदोलनकारियों को स्मरण करना हमारा कर्तव्य है, जिनके अथक प्रयासों और बलिदान से यह उपलब्धि संभव हो सकी। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्य अतिथि केएन त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी बड़ी सफलता के पीछे संघर्ष और जनसमर्थन की अहम भूमिका होती है। उन्होंने समिति एवं आम जनता के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि जिला बनने के बावजूद विकास की गति अपेक्षित नहीं रही है। उन्होंने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए भूमि विवाद को जिले की गंभीर समस्या बताया।उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व व्यवस्था में गड़बड़ी के कारण रजिस्टर और खतियान की स्थिति स्पष्ट नहीं है, जिसका कुछ अंचल कर्मी अनुचित लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पैसों के बल पर गलत कार्य कराए जा रहे हैं, जिससे आम जनता का शोषण हो रहा है।

कार्यक्रम में संरक्षक रामनाथ चंद्रवंशी, ईश्वरी मेहता, त्रिभुवन पांडेय, वरीय अधिवक्ता सुनील कुमार, अशोक कुमार सिंह, बिल्लू भास्कर, राजेश चंद्रवंशी, प्रवीण दास, मुकेश सोनी, गौरव दास, उत्तम गुप्ता, भोला खान, दया पांडेय, विवेक चंद्रवंशी सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए और दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी। मंच संचालन प्रमोद कुमार पांडेय ने किया। बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही और सभी ने आंदोलनकारियों के योगदान को नमन किया।




