
आरईओ व वन विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल, आरईओ के कार्यपालक एवं कनीय अभियंता के विरुद्ध सख्त कार्रवाई हो : रवि डे
Sanjay prajapati @ united palamu

Latehar : झारखंड विकास समिति (झाविस)के नेता सह समाजसेवी रवि कुमार डे ने चंदवा प्रखंड स्थित वनशक्ति देवी मंडप के समीप आरईओ विभाग द्वारा निर्मित 14 किलोमीटर सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार हुआ है, जिसकी वजह से वर्षों बीत जाने के बावजूद इस सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग-75 (एनएच-75) से नहीं जोड़ा गया है।रवि डे ने आरोप लगाया कि सड़क की गुणवत्ता बेहद खराब होने के कारण इसे एनएच-75 से जोड़ने में जानबूझकर विलंब किया जा रहा है, ताकि निर्माण कार्य में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं और पैसे की बंदरबांट को छिपाया जा सके।उन्होंने कहा कि इस मामले में आरईओ विभाग के कार्यपालक अभियंता, कनीय अभियंता तथा संवेदक की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता।उन्होंने कहा कि इस सड़क से प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है, लेकिन एनएच-75 से कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों को वर्षों से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है।श्री डे ने उपायुक्त लातेहार से मांग की है कि सड़क को अविलंब एनएच-75 से जोड़ने की दिशा में कार्रवाई की जाए तथा निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराकर दोषी अधिकारियों और संबंधित संवेदक के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे का दुरुपयोग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पीटीआर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में मजदूरों को दरकिनार कर मशीनों से काम लेना अनुचित है: रवि डे
पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) क्षेत्र में कार्यों के निष्पादन को लेकर रवि डे ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पीटीआर जैसे संवेदनशील वन क्षेत्र में स्थानीय मजदूरों को रोजगार देने के बजाय मशीनों से काम कराना पूरी तरह अनुचित है। इससे एक ओर स्थानीय मजदूरों के रोजगार पर असर पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर कार्यों की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।श्री डे ने आरोप लगाया कि जब से सेवानिवृत्त रेंजर तरुण सिंह को पीटीआर का प्रभार सौंपा गया है, तब से विभाग में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।उन्होंने संबंधित उच्च अधिकारियों से मांग की कि पीटीआर में हो रहे कार्यों की पारदर्शी जांच कराई जाए तथा स्थानीय मजदूरों को प्राथमिकता देते हुए रोजगार उपलब्ध कराया जाए। रवि डे ने कहा कि इस पूरे प्रकरण की सीबीआई और ईडी से जांच होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि पीटीआर जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।




