
एसवीएम लातेहार में हर्षोल्लास के साथ आयोजित हुआ संस्कृति उत्सव

Latehar : सरस्वती विद्या मंदिर, धर्मपुर पथ, लातेहार में दीपावली एवं छठ महापर्व के पावन अवसर पर शुक्रवार को भव्य संस्कृति उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव राजीव रंजन पांडेय, मातृभारती अध्यक्षा ऋतु रानी पांडेय, प्रधानाचार्य उत्तम कुमार मुखर्जी तथा पत्रकार बंधु द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का परिचय विद्यालय के आचार्य कपिल देव प्रमाणिक के द्वारा किया गया। इसके पश्चात कक्षा द्वितीय एवं की बहनों ने सामूहिक छठ गीत की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
कार्यक्रम का विषय प्रवेश विद्यालय के प्रधानाचार्य उत्तम कुमार मुखर्जी ने कराया। उन्होंने दीपावली एवं छठ महापर्व के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय पर्व-त्योहार हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के परिचायक हैं। इनके माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं, संस्कारों और जीवन मूल्यों से जोड़ने का अवसर मिलता है।
इस अवसर पर मातृभारती अध्यक्षा ऋतु रानी पांडेय ने भैया-बहनों को संबोधित करते हुए छठ महापर्व की पौराणिक एवं सांस्कृतिक महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने महाभारत एवं रामायण कालखंड के प्रसंगों से छठ पर्व की परंपरा और महत्ता को जोड़ते हुए सूर्योपासना की प्राचीन परंपरा के बारे में बताया। उन्होंने महाभारत में कुंती एवं कर्ण की सूर्य उपासना तथा रामायण में माता सीता एवं भगवान श्रीराम से जुड़े प्रसंगों का उल्लेख करते हुए भैया-बहनों को छठ महापर्व की आस्था, पवित्रता, अनुशासन, त्याग, तपस्या एवं प्रकृति के प्रति कृतज्ञता के भाव से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं और इनके मूल भाव को समझकर अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला में कक्षा दशम के भैया अभयांश ने एकल गीत की सुमधुर प्रस्तुति दी। वहीं कक्षा अष्टम की बहनों ने ‘नहाय खाए कार्यक्रम के अंतर्गत सुंदर प्रस्तुति देकर दर्शकों की सराहना प्राप्त की। कक्षा नवम की बहनों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से खरना की तैयारियों एवं छठ महापर्व की परंपराओं को जीवंत रूप में चित्रित किया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण कक्षा सप्तम, अष्टम एवं नवम की बहनों द्वारा भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने की आकर्षक प्रस्तुति रही। पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीतों एवं भावपूर्ण अभिनय के माध्यम से बहनों ने छठ महापर्व की पवित्रता, लोकआस्था और सामाजिक समरसता का सुंदर दृश्य प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की आचार्या सुश्री सृष्टि कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, मातृभारती पदाधिकारियों, प्रतिभागी भैया-बहनों, आचार्य-दीदीजी एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस प्रकार दीपावली की ज्योति, छठ महापर्व की लोकआस्था और भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं के सुंदर समन्वय के साथ विद्यालय का संस्कृति उत्सव हर्षोल्लास एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम ने भैया-बहनों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने तथा भारतीय पर्व-परंपराओं के महत्व को समझने का प्रेरक संदेश दिया।





