चैनपुर के घटना की पुनरावृत्ति ना हो, इसके लिए पलामू के DC और SP ने कसी कमर, CM ने भी लिया संज्ञान
Report : Upendra Kumar Papu
Palamu : 23 सितंबर 2026 की मनहूस सुबह पलामू के लिए ब्लैक डे साबित हुआ था। कारण कि जिले के चैनपुर में पांच और पाटन में एक व्यक्ति की मौत करम डाली विसर्जन करने के दौरान नदी में डूबने से हो गई थी। जैसे ही यह खबnर प्रकाश में आया, झारखंड में शोक की लहर दौड़ गई। प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित पलामू के डीसी और एसपी ने घटना पर तुरंत संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने जिले के आला अधिकारियों को यह तुरंत निर्देशित किया कि इस तरह के घटना की पुनरावृत्ति दोबारा ना हो, इसके लिए ठोस कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री का आदेश प्राप्त होते ही जिले के डीसी और एसपी आगे की कार्रवाई में जुट गए।

आपदा से निपटने के लिए पलामू के डीसी और एसपी ने की बैठक, मातहत अधिकारियों से कहा : हॉटस्पॉट चिन्हित कर आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करें
गुरुवार को जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन एवं बचाव तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य रूप से पलामू के एसपी कपिल चौधरी उपस्थित रहे। बैठक में संभावित आपदाओं की रोकथाम एवं आपात स्थिति में त्वरित बचाव कार्य सुनिश्चित करने को लेकर संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई।उपायुक्त श्री शेखावत ने कहा कि चैनपुर में हुई दुखद घटना की पुनरावृत्ति दोबारा न हो, यह हम सभी को सुनिश्चित करना होगा। इसके लिए संभावित आपदा वाले क्षेत्रों को पहले से चिन्हित करते हुए वहां आवश्यक सुरक्षा एवं बचाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।डीसी ने सभी अंचल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में संभावित आपदा वाले हॉटस्पॉट को चिन्हित करने का निर्देश दिया। इसमें नदी, तालाब, जलाशय, बंद पड़े पत्थर खदान, माइंस एवं पर्यटन स्थलों सहित ऐसे अन्य स्थानों को शामिल करने को कहा गया, जहां दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। चिन्हित स्थलों की सूची तैयार कर वहां आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।आगामी दुर्गा पूजा को देखते हुए उपायुक्त श्री शेखावत ने विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने पूजा समितियों से संबंधित आवश्यक जानकारी एकत्रित कर मूर्ति की ऊंचाई, पंडाल निर्माण की स्थिति, मूर्ति विसर्जन का रूट तथा विसर्जन स्थल के जलाशय की स्थिति की रिपोर्ट तैयार करने को कहा।

उन्होंने आवश्यकता के अनुसार विसर्जन स्थलों पर गोताखोरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि आपात स्थिति में बचाव कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो।उपायुक्त श्री शेखावत ने आपदा से संबंधित सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान एवं समन्वय के लिए डेडिकेटेड व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का निर्देश दिया साथ ही बंद पड़ी खदानों एवं माइंस को चिन्हित कर आवश्यकतानुसार बैरकेडिंग कराने पर भी जोर दिया।बैठक में पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने भी चिन्हित संवेदनशील स्थलों की नियमित निगरानी, पुलिस बल की सक्रिय भूमिका एवं आवश्यक सुरक्षा उपायों को लेकर संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को निर्देशित किया।
5 बच्चे नदी में कैसे डूबे और कैसे बरामद हुआ शव ?
पलामू पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र में करम डाल विसर्जन के दौरान हादसे के बाद लापता पांचवा बच्चा हेमंत सिंह, का शव एनडीआरएफ की टीम ने बरामद कर लिया गया है। हेमंत सिंह का शव रेहला थाना क्षेत्र के बेलचंपा गांव से सटे कोयल नदी किनारे से शुक्रवार की सुबह करीब 6:30 बजे बरामद किया गया।गुरुवार की दोपहर तीन बजे के बाद पटना से एनडीआरएफ की टीम अभियान चला रही थी. शाम होने के बाद छह बजे के बाद कार्रवाई रोक दी गई थी. शुक्रवार सुबह कोयल नदी किनारे शव मिलने की सूचना के बाद परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे।

जानकारी के अनुसार बुधवार को कर्मा पूजा विसर्जन के दौरान चैनपुर थाना क्षेत्र के बोकया, पतरिया खुर्द गांव में कोयल नदी में गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आने से पांच बच्चे कोयल नदी के गहरे पानी में डूब गए थे।जिसमे हेमंत कुमार सिंह (8 वर्ष), नीतिश कुमार सिंह (18 वर्ष), अमित कुमार ठाकुर (22 वर्ष), राजा सिंह (12 वर्ष) और विशाल पासवान (16 वर्ष का नाम शामिल हैं।इस घटना के बाद से मृतक बच्चों के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।




