
टीपीसी के पूर्व रीजनल कमांडर को हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत, जमानत याचिका खारिज
Ranchi : चतरा जिले के टंडवा स्थित मगध एवं आम्रपाली कोल परियोजनाओं से जुड़े बहुचर्चित टेरर फंडिंग मामले में आरोपित उग्रवादी संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) के पूर्व रीजनल कमांडर और जोनल कमांडर कोहराम उर्फ लक्ष्मण गंझू को झारखंड उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिली। उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत के इस फैसले के बाद कोहराम को फिलहाल न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा।
मामले की सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरव कुमार ने पक्ष रखा। एनआईए ने अदालत के समक्ष मामले की गंभीरता और जांच में सामने आए तथ्यों का उल्लेख करते हुए जमानत याचिका का विरोध किया। इसके बाद न्यायालय ने याचिका को खारिज कर दिया।

उल्लेखनीय है कि इस टेरर फंडिंग मामले की सुनवाई रांची स्थित एनआईए की विशेष अदालत में चल रही है। यह मामला मूल रूप से टंडवा थाना कांड संख्या 2/2016 के रूप में दर्ज किया गया था। बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआईए ने फरवरी 2018 में इसे अपने हाथ में ले लिया और एनआईए कांड संख्या 3/2018 दर्ज कर जांच शुरू की।
लंबी जांच और साक्ष्य संकलन के बाद एनआईए ने इस मामले में कुल 17 आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। एजेंसी के अनुसार यह मामला केवल लेवी वसूली तक सीमित नहीं था, बल्कि कोयला परियोजनाओं के संचालन और परिवहन व्यवस्था के माध्यम से उग्रवादी संगठन को आर्थिक सहायता पहुंचाने का एक संगठित तंत्र विकसित हो गया था।
एनआईए की जांच में यह तथ्य सामने आया कि मगध और आम्रपाली कोल परियोजनाओं से जुड़े कुछ लोगों, उग्रवादी तत्वों तथा अन्य संबंधित पक्षों के बीच कथित समन्वय के जरिए टेरर फंडिंग को बढ़ावा दिया जा रहा था। जांच एजेंसी का दावा है कि टीपीसी को नियमित रूप से आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए कोयला ढुलाई के ठेके ऊंची दरों पर लिए गए थे।
एनआईए के अनुसार, टीपीसी को लेवी भुगतान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन कार्यों का संचालन किया गया और इसी प्रक्रिया के जरिए उग्रवादी संगठन तक धन पहुंचाया जाता था। जांच के दौरान टीपीसी को फंडिंग किए जाने की पुष्टि होने का दावा भी एजेंसी ने किया है।
मामले में टीपीसी के पूर्व रीजनल और जोनल कमांडर कोहराम उर्फ लक्ष्मण गंझू के अलावा संगठन के रीजनल कमांडर आक्रमण उर्फ रवींद्र गंझू उर्फ नेताजी भी आरोपी हैं। इसके साथ ही आधुनिक पावर के तत्कालीन महाप्रबंधक महेश अग्रवाल, बीकेबी ट्रांसपोर्ट के उपाध्यक्ष विनीत अग्रवाल, सोनू अग्रवाल उर्फ अमित अग्रवाल, कारोबारी सुदेश केडिया, ट्रांसपोर्टर सुधांशु रंजन उर्फ छोटू सिंह, अजय सिंह तथा मामले के कथित मास्टरमाइंड सुभान खान को भी आरोपित बनाया गया है।




