पांकी : मजदूर किसान महाविद्यालय के स्मार्ट क्लासरूम में आयोजित हुआ कार्यक्रम, शिक्षकों व विद्यार्थियों ने रखे विचार
हिंदी पखवाड़ा सह राष्ट्रकवि दिनकर स्मृति समारोह में गूंजा हिंदी के सम्मान का संदेश
Ashish Gupta @ United Palamu Reporter
Palamu : मजदूर किसान महाविद्यालय, पांकी के स्मार्ट क्लासरूम में हिंदी पखवाड़ा सह राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर स्मृति समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा आईक्यूएसी के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दिलीप कुमार राम सहित उपस्थित शिक्षकों द्वारा मां शारदे एवं राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. दिलीप कुमार राम ने कहा कि हमें गर्व है कि हम हिंदुस्तानी हैं और हिंदी हमारी समृद्ध भाषा है। हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, सभ्यता और भावनाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में हिंदी का सम्मान होना चाहिए तथा इसके प्रयोग को लेकर हमें गर्व महसूस करना चाहिए।

हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. बंशीधर सिंह ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर को स्मरण करते हुए कहा कि दिनकर जी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से जनसामान्य तक अपनी बात पहुंचाने और राष्ट्र की चेतना को जागृत करने का कार्य किया। उन्होंने राष्ट्रकवि के रूप में अपने दायित्व का बखूबी निर्वहन किया तथा हिंदी साहित्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम अपने व्यवहार, व्यवसाय, कार्यालय, संचार और दैनिक जीवन में अधिक से अधिक हिंदी का प्रयोग करें तथा हिंदी के सम्मान को अपनी जिम्मेदारी समझें।
प्रो. नरेंद्र कुमार तिवारी ने कहा कि हिंदी विश्व की प्रमुख भाषाओं में शामिल है और करोड़ों लोग इसका प्रयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी के समृद्ध साहित्य में लोक संस्कृति, लोक कला, सामाजिक जीवन, प्रशासन और आर्थिक विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विचार एवं ज्ञान मौजूद हैं। आवश्यकता है कि हम इस विरासत को समझें, उसका सम्मान करें और नई पीढ़ी तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि सभी भाषाओं का सम्मान होना चाहिए, लेकिन अपनी मातृभाषा और हिंदी के प्रति विशेष सम्मान एवं जिम्मेदारी का भाव भी आवश्यक है।
डॉ. स्वीटी कुमारी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की रचनाओं की पंक्तियों के माध्यम से उपस्थित लोगों को राष्ट्रसेवा, देशप्रेम और राष्ट्रीय चेतना का संदेश दिया। उन्होंने दिनकर के साहित्य में निहित राष्ट्रप्रेम और सामाजिक सरोकारों पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम में महाविद्यालय के अन्य शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने भी हिंदी भाषा और राष्ट्रकवि दिनकर के साहित्य पर अपने विचार रखे।
नैक कोऑर्डिनेटर डॉ. राजेश्वर चौधरी ने महाविद्यालय के अधिक से अधिक कार्य हिंदी में करने तथा दैनिक बातचीत में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हिंदी को व्यापक बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर से पहल करनी चाहिए।कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. बंशीधर सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राजीव रंजन ने किया। इसके बाद कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गई। समारोह में हिंदी विभाग के साथ-साथ महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राएं, शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।




