
खेलकूद जीवन का अभिन्न अंग है: प्राचार्य
Latehar : केंद्रीय विद्यालय का प्रांगण शुक्रवार को खेलों की गूंज, तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह के रंगों से सराबोर हो गया।शुक्रवार को वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के शुभारंभ पर जब प्राचार्य शैलेंद्र प्रताप सिंह ने मशाल प्रज्ज्वलित की, तो मानो ज्ञान के साथ-साथ ऊर्जा का भी दीप जल उठा।इसके बाद जब तिरंगा हवा में लहराया, तो पूरा परिसर देशभक्ति के जज्बे से झूम उठा।इससे पहले विद्यालय प्रबंधन ने मुख्य अतिथि प्राचार्य को अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
अपने उद्बोधन में प्राचार्य ने कहा कि खेलकूद जीवन का अभिन्न अंग है।खेल के बिना विद्यार्थी का जीवन अधूरा है।खेल शरीर को वज्र सा मजबूत, मन को हिमालय सा अडिग और हृदय को गंगा सा निर्मल बनाता है।उन्होंने कहा कि खेल का मैदान ही वह पाठशाला है, जहां हार में भी जीत छिपी होती है।हार हमें धैर्य सिखाती है और जीत हमें विनम्रता।जो बच्चा मैदान में पसीना बहाता है, वह जीवन के हर रण में विजय पताका फहराता है।प्राचार्य ने कहा कि कबड्डी की पकड़ में एकता है, खो-खो की फुर्ती में चपलता है, दौड़ की गति में आत्मविश्वास है और वॉलीबॉल के हर स्मैश में लक्ष्य भेदने की कला है।इसलिए खेल को केवल खेल न समझें, यह जीवन जीने की कला है।
प्रतियोगिता में दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, कबड्डी, खो-खो और फुटबॉल की प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का जौहर दिखाया।प्राचार्य ने फुटबॉल किक फुटबॉल मैच का शुभारंभ किया।मौके पर वरीय शिक्षक बालजिंदर कौर, आभा एक्का, नेत्रपाल सिंह समेंत कई शिक्षक व शिक्षिकायें मौजूद थे।




