पलामू के सांसद वीडी राम के प्रयास से मलय जलाशय योजना के अब बहुरेंगे दिन
मलय जलाशय योजना के मुख्य नहर के जीर्णोद्धार एवं क्रॉस ड्रेनेज की मरम्मत के लिए ₹273.90 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति मिली
Palamu : पलामू संसदीय क्षेत्र के किसानों के हित एवं सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में सांसद पलामू विष्णु दयाल राम के प्रयासों को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। जल संसाधन विभाग के सचिव प्रशांत कुमार को पत्र लिखकर एवं व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर मलय जलाशय योजना के मुख्य नहर एवं उससे संबंधित विभिन्न क्रॉस ड्रेनेज तथा अन्य संरचनाओं की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण के लिए अनुरोध किया था। उक्त कार्य के लिए ₹273.90 लाख (2 करोड़ 73 लाख 90 हजार रुपए) की प्रशासनिक स्वीकृति झारखंड सरकार के जल संसाधन विभाग द्वारा प्रदान की गई है। बहुत जल्द निविदा प्रकाशित होगी और निविदा निस्तारण के तत्पश्चात कार्य प्रारंभ किया जाएगा। विभाग द्वारा इस कार्य को एक वर्ष के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

जल संसाधन विभाग, झारखंड सरकार द्वारा जारी स्वीकृति के अनुसार मलय मुख्य नहर के चेन संख्या 21.00 पर नहर, आर.सी.सी. चैनल एवं गार्डवाल की मरम्मत, चेन संख्या 21.00 पर सी.डी., चेन संख्या 18.00 पर एक्वाडक्ट, चेन संख्या 19.00 पर एस्केप एवं एस.एल.आर. ब्रिज तथा चेन संख्या 216, 326, 683 एवं 720 पर एस.एल.आर. ब्रिज के पुनर्निर्माण का कार्य कराया जाएगा।
मलय जलाशय योजना पलामू जिले के सतबरवा एवं लेस्लीगंज प्रखंड में स्थित महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना है। इस योजना के अंतर्गत मुख्य नहर एवं शाखा नहरों के माध्यम से किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाया जाता है। लंबे समय से नहर एवं विभिन्न संरचनाओं के जर्जर होने के कारण सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। स्वीकृत कार्यों के पूरा होने से नहर तंत्र को मजबूती मिलेगी तथा किसानों को सिंचाई सुविधा का बेहतर लाभ मिल सकेगा।
सांसद श्री राम ने कहा कि पलामू संसदीय क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार एवं पुरानी सिंचाई परियोजनाओं का जीर्णोद्धार मेरी प्राथमिकताओं में शामिल है। मलय जलाशय योजना से जुड़े किसानों की लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान की दिशा में यह स्वीकृति एक महत्वपूर्ण कदम है। उक्त योजना के पुनरुद्धार से क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ होगी तथा इसका सीधा लाभ बड़ी संख्या में किसानों को मिलेगा। निजी सचिव अलख दुबे ने दी।




