
राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ बने ग्रामीण विकास व पंचायती राज संसदीय समिति के सदस्य
Latehar : झारखंड से नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम को संसद की महत्वपूर्ण ग्रामीण विकास और पंचायती राज संबंधी संसदीय स्थायी समिति का सदस्य बनाया गया है।उनके इस महत्वपूर्ण दायित्व को लेकर झारखंड, विशेषकर लातेहार जिले के लोगों में खुशी और उत्साह का माहौल है।
संसदीय स्थायी समिति ग्रामीण क्षेत्रों के विकास, पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने, गांवों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तथा ग्रामीण जनता से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार की योजनाओं और नीतियों की समीक्षा करती है।समिति के माध्यम से सांसद ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों को संसद के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने के साथ-साथ योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सुझाव भी दे सकते हैं।
बैद्यनाथ राम के समिति का सदस्य बनने से झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने का अवसर मिलेगा।राज्य के गांवों में सड़क, शिक्षा,स्वास्थ्य,पेयजल, रोजगार, सिंचाई, आवास, पंचायतों को अधिकार एवं ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों को लेकर सांसद अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।
लातेहार जैसे ग्रामीण बहुल जिले के लिए यह जिम्मेदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जिले के सुदूरवर्ती एवं पिछड़े क्षेत्रों में विकास की गति को तेज करने, ग्रामीणों की समस्याओं को संसद तक पहुंचाने तथा केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में बैद्यनाथ राम के अनुभव और सक्रियता से लोगों को काफी उम्मीदें हैं।
इस अवसर पर झामुमो नेताओं, कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। झामुमो नेताओं ने कहा कि यह झारखंड के लिए गौरव का विषय है कि राज्य के जनप्रतिनिधि को संसद की इतनी महत्वपूर्ण समिति में जिम्मेदारी मिली है। इससे झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूती मिलेगी।
झामुमो जिला प्रवक्ता सुशील कुमार यादव ने कहा कि राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम को ग्रामीण विकास और पंचायती राज संबंधी संसदीय स्थायी समिति का सदस्य बनाया जाना झारखंड के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि सांसद बैद्यनाथ राम ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं से भली-भांति परिचित हैं और निश्चित रूप से समिति के माध्यम से झारखंड के गांवों की आवाज को संसद में मजबूती से उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि सांसद की नई जिम्मेदारी से ग्रामीण विकास, पंचायतों के सशक्तिकरण और गांवों में विकास योजनाओं को गति देने में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।





