45 परीक्षाओं पर गिरी गाज, झारखंड सरकार ने जारी की अधिसूचना
Ranchi : झारखंड सरकार के कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग द्वारा मंगलवार-बुधवार की रात्रि अधिसूचना जारी कर जेपीएससी (JPSC)और जेएसएससी (JSSC) द्वारा आयोजित एवं टीडीपीएल (TDPL) के माध्यम से संपादित सीजीएल (CGL) सहित 22 तरह की परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया और 23 तरह की परीक्षाओं को सीआईडी जांच का आदेश दिया गया।

अनियमितता की शिकायत पर हुई कार्रवाई
जारी अधिसूचना में कहा गया है कि जेपीएससी और जेएसएससी द्वारा आयोजित एवं टीडीपीएल के माध्यम से संपादित वर्तमान की परीक्षाओं के संदर्भ में अनियमितता की शिकायत के आलोक में सीआईडी के अनुसंधान के क्रम में सरकार के समक्ष लाए गए तथ्यों की पृष्ठभूमि में राज्य सरकार द्वारा परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया गया।
फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का निर्णय
- जेपीएससी व जेएसएससी में अनियमितता एवं करदाचार को लेकर दर्ज कांड की सुनवाई हेतु फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने हेतु झारखंड हाई कोर्ट से अनुरोध किया जाएगा।
- जेपीएससी व जेएसएससी में आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा।
- जेपीएससी-जेएसएससी में परीक्षा रिफॉर्म पर वृहत अध्ययन हेतु IAS अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की जाएगी।

कैबिनेट की बैठक में लिया गया था निर्णय
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 17 अगस्त 2026 को कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सीजीएल सहित टीडीपीएल एजेंसी द्वारा ली गई सभी परीक्षाएं रद्द होंगी. भले ही उसकी चयन प्रक्रिया पूरी ही क्यों न हो हो गई हो. साथ सीजीएल परीक्षा में हुई गड़बड़ी की जांच होंगी.मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे युवा अलग-अलग खेमों में बंटे नहीं हैं, वे सभी हमारे राज्य के नौजवान हैं और सरकार हमेशा उनके हितों के साथ खड़ी है. उन्होंने कहा कहा कि यदि पूर्व में निर्धारित एसओपी का पूरी सख्ती से पालन किया जाता, तो ऐसी खामियां सामने नहीं आतीं. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने परीक्षाओं में धांधली रोकने के लिए सबसे पहले कड़ा कानून बनाया है और अब परीक्षा प्रक्रिया में कई नए सुधार करने जा रही है. ताकि पूरी पारदर्शिता बरती जा सके. उन्होंने कहा कि जेएसएससी और जेपीएसएसी में सुधार के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अमिताभ कौशल के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया जाएगा. ये कमेटी प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और आवश्यक परीक्षा सुधारों के लिए अपनी सिफारिशें और दिशा-निर्देश तैयार करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से हुई सभी छोटी-बड़ी नियुक्तियों की गड़बड़ियों की व्यापक जांच की जाएगी. इसके अलावा उन्होंने केंद्र द्वारा पारित MMDR बिल को लेकर भी सरकार का पक्ष रखा.



