Palamu के D.C ने राजस्व संग्रहण में तेजी लाने एवं लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का दिया निर्देश
जनता के प्रति जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही पर होगी कार्रवाई : उपायुक्त
Palamu : palamu के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने समाहरणालय सभागार में विभिन्न विभागों द्वारा वार्षिक लक्ष्य के विरुद्ध किए जा रहे राजस्व संग्रहण की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने राजस्व संग्रहण के साथ-साथ अंतरविभागीय भूमि हस्तांतरण, प्राकृतिक आपदा एवं राज्य स्तरीय अधिसूचित आपदाओं से प्रभावित लोगों को सहायता राशि, ई-रेवेन्यू कोर्ट में लंबित मामलों, नीलाम पत्र वादों, रिट पिटीशन मामलों तथा विभिन्न अंचलों में लंबित नामांतरण वादों एवं अन्य आवेदनों की बिंदुवार समीक्षा की।
समीक्षा के क्रम में खनन विभाग, डाल्टनगंज द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के वार्षिक लक्ष्य के विरुद्ध जुलाई 2026 तक 57.54 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहण किया गया है, जो वार्षिक लक्ष्य का 16.44 प्रतिशत है।
इसी क्रम में उत्पाद विभाग, पलामू के राजस्व संग्रहण की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान वार्षिक लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 34.66 प्रतिशत राजस्व संग्रहण पाया गया। उपायुक्त ने उत्पाद अधीक्षक को सीमा क्षेत्रों में सघन अभियान चलाते हुए अंतरराज्यीय शराब के अवैध आवागमन पर प्रभावी रोक लगाने का निर्देश दिया। उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि पलामू जिला अंतर्गत मौजूदा वित्तीय वर्ष में जुलाई 2026 तक कुल 113 अभियोग दर्ज करते हुए विधि-सम्मत कार्रवाई की जा रही है।
जिला अवर निबंधक कार्यालय, मेदिनीनगर के राजस्व संग्रहण की समीक्षा में वार्षिक लक्ष्य के विरुद्ध 40.36 प्रतिशत उपलब्धि पाई गई। वहीं जिला अवर निबंधक कार्यालय, हुसैनाबाद द्वारा वार्षिक लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 24.35 प्रतिशत राजस्व संग्रहण किया गया है।

राज्य कर संयुक्त आयुक्त कार्यालय द्वारा जीएसटी संग्रहण की समीक्षा के दौरान पाया गया कि 159.04 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के विरुद्ध जुलाई 2026 तक 54.18 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहण किया जा चुका है।
इसी प्रकार मेदिनीनगर नगर निगम के वित्तीय वर्ष 2026-27 के 16.04 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के विरुद्ध 7.21 करोड़ रुपये का कुल राजस्व संग्रहण हुआ है। परिवहन विभाग द्वारा 85.59 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के विरुद्ध 29.16 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहण किया गया है।
विधिक माप विज्ञान विभाग को सघन जांच का निर्देश
विधिक माप विज्ञान विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी निरीक्षक द्वारा जुलाई 2026 तक 21.52 लाख रुपये के राजस्व संग्रहण की जानकारी दी गई। उपायुक्त ने प्रभारी निरीक्षक, विधिक माप विज्ञान को ब्रिज, ग्रोसरी, पेट्रोल पंप, एलपीजी, हार्डवेयर, फर्टिलाइजर एवं पीडीएस इकाइयों की क्रमवार जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने नियमित रूप से विधिक माप विज्ञान संबंधी कार्यों का प्रभावी एवं नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा।
नगर निकायों की समीक्षा के क्रम में कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत हुसैनाबाद, नगर पंचायत छतरपुर एवं नगर पंचायत हरिहरगंज तथा प्रशासक, नगर परिषद विश्रामपुर द्वारा जुलाई 2026 तक लक्ष्य के अनुरूप राजस्व संग्रहण संतोषजनक पाया गया।
इसी प्रकार विद्युत प्रमंडल छतरपुर एवं डाल्टनगंज द्वारा राजस्व संग्रहण की स्थिति भी संतोषजनक पाई गई। उपायुक्त ने विद्युत विभाग के संबंधित पदाधिकारियों को विभागीय नियमों के अनुरूप एवं समयबद्ध तरीके से बिजली संबंधी समस्याओं का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
आपदा प्रभावितों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश
उपायुक्त ने जिला आपदा प्रबंधन शाखा द्वारा प्राकृतिक आपदाओं एवं राज्य स्तरीय अधिसूचित आपदाओं से प्रभावित लोगों को सहायता राशि स्वीकृति से संबंधित लंबित मामलों की स्थिति की जानकारी जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी से ली।
उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करते हुए मानव क्षति, पशु क्षति एवं मकान क्षति से प्रभावित व्यक्तियों एवं उनके आश्रितों को नियमानुसार मुआवजा एवं सहायता राशि उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अंतरविभागीय भूमि हस्तांतरण एक पक्ष के अंदर पूरा करने का निर्देश
उपायुक्त ने अंतरविभागीय भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति की जानकारी संबंधित विभागों के नोडल पदाधिकारियों से ली। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया एक पक्ष के अंदर पूर्ण करने का निर्देश दिया, ताकि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब न हो।
लंबित नीलाम पत्र वादों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें
उपायुक्त ने संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों एवं नीलाम प्रक्रिया संचालित करने के लिए सक्षम अंचल अधिकारियों को नीलाम पत्र वादों की प्रक्रिया नियमानुसार एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने का निर्देश दिया।
उन्होंने अपर समाहर्ता को सभी नीलाम पत्र पदाधिकारियों के साथ बैठक कर लंबित नीलाम पत्र वादों का यथाशीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
ई-रेवेन्यू कोर्ट एवं नामांतरण वादों में लंबितता पर जताई नाराजगी
उपायुक्त ने ई-रेवेन्यू कोर्ट के माध्यम से प्राप्त कॉज लिस्ट एवं राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की गहन समीक्षा की। समीक्षा के दौरान मामलों के लंबित रहने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर राजस्व मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
उन्होंने विभिन्न अंचलों में लंबित नामांतरण वादों एवं अन्य लंबित आवेदनों की भी बिंदुवार समीक्षा की तथा नियमानुसार समयबद्ध निष्पादन का निर्देश दिया।
रिट पिटीशन मामलों में समय पर काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश
उपायुक्त ने संबंधित विभागों द्वारा रिट पिटीशन से जुड़े मामलों में समय पर काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि काउंटर एफिडेविट दाखिल करने में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
कोर वर्क को प्राथमिकता दें पदाधिकारी, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
उपायुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को अपने कोर वर्क को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यों में अनावश्यक लापरवाही अथवा शिथिलता पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की सबसे पहली जवाबदेही जनता के प्रति है। कोई भी आवेदक अपनी समस्या लेकर कार्यालय आता है तो उसकी बात को ध्यानपूर्वक सुना जाए तथा सहायता एवं समाधान के उद्देश्य से आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उपायुक्त ने सख्त निर्देश दिया कि यदि किसी भी समय यह पता चलता है कि किसी अंचल, प्रखंड अथवा अन्य सरकारी कार्यालय में अनधिकृत व्यक्तियों का अनावश्यक आना-जाना लगा रहता है, तो संबंधित मामले में सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जनहित एवं उपयोगिता को ध्यान में रखकर योजनाओं एवं भवनों का चयन करें
उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि किसी भी योजना, भवन अथवा विशिष्ट सेवा प्रदान करने के लिए बनाए जा रहे भवन का चयन करते समय उसकी उपयोगिता एवं लाभुकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी योजना अथवा भवन का निर्माण केवल निर्माण के उद्देश्य से नहीं, बल्कि उसके वास्तविक उपयोग एवं लाभुकों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि यदि उनके कार्यकाल के दौरान यह सामने आता है कि किसी विभाग द्वारा सेवा प्रदान करने के लिए ऐसी जगह का चयन किया गया है, जो बाद में अनउपयोगी साबित होती है, तो ऐसी स्थिति में संबंधित विभाग की जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में अपर समाहर्ता, संबंधित विभागों के पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, नीलाम पत्र पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।




