Palamu में Principal की मौत, शिक्षा जगत में शोक की लहर
मेदिनीनगर।पलामू जिले के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के स्तरोन्नत उच्च विद्यालय कुहकुह की प्रधानाध्यापिका प्रणीता सिंह (38 वर्ष) का गुरुवार सुबह अचानक निधन हो गया. विद्यालय जाने की तैयारी के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी और चक्कर आने के बाद वह अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ीं. उन्हें तत्काल अनुमंडलीय अस्पताल छतरपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया.

इस घटना से परिवार, शिक्षा जगत और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।जानकारी के अनुसार, प्रणीता सिंह मूल रूप से मेदिनीनगर के नीमिया गांव की रहने वाली थीं. वर्तमान में वह रिस्यपा गांव में किराये के मकान में रहकर विद्यालय में अपनी सेवाएं दे रही थीं. गुरुवार सुबह वह रोज की तरह विद्यालय जाने के लिए तैयार हो रही थीं. इसी दौरान अचानक उन्हें तेज चक्कर आया और वह अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ीं. उस समय पास में कपड़ा धो रही एक महिला ने उन्हें गिरते देखा और तुरंत आसपास के लोगों को इसकी सूचना दी. सूचना मिलते ही विद्यालय के शिक्षक और स्थानीय ग्रामीण उनके आवास पर पहुंचे और बिना देर किए उन्हें अनुमंडलीय अस्पताल छतरपुर पहुंचाया।अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों के अनुसार, प्राथमिक जांच में उनकी मौत का संभावित कारण गंभीर हृदयाघात (हार्ट अटैक) या ब्रेन हैमरेज माना जा रहा है. हालांकि, मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि चिकित्सीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।प्रणीता सिंह अपने सौम्य व्यवहार, कर्तव्यनिष्ठ कार्यशैली और विद्यार्थियों के प्रति समर्पित शिक्षण के लिए जानी जाती थीं.
सहकर्मियों के बीच वह एक सहयोगी और अनुशासित शिक्षिका के रूप में सम्मानित थीं. उनकी अचानक हुई मृत्यु की खबर मिलते ही विद्यालय परिसर में शोक का माहौल छा गया. विद्यालय के शिक्षकों ने कहा कि उन्होंने हमेशा बच्चों की पढ़ाई और विद्यालय के विकास को प्राथमिकता दी. उनके निधन से विद्यालय ने एक संवेदनशील और समर्पित प्रधानाध्यापिका को खो दिया है।
घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया. बड़ी संख्या में रिश्तेदार, स्थानीय लोग और शिक्षक उनके आवास और अस्पताल पहुंचे. प्रखंड क्षेत्र के शिक्षकों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की. लोगों ने कहा कि प्रणीता सिंह का सरल स्वभाव और अपने दायित्वों के प्रति उनकी निष्ठा हमेशा याद रखी जाएगी. उनकी असमय मृत्यु ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है और शिक्षा जगत को ऐसी क्षति पहुंचाई है, जिसकी भरपाई आसानी से संभव नहीं होगी।




