ईरान पर हमले का खतरा बढ़ा, मंडराने लगे अमेरिकी ड्रोन
Tehran : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जॉर्डन में सैन्य ठिकानों पर हुए ताजा ईरानी हमले से आगबबूला हैं। अमेरिका के जल्द ही ईरान पर बड़ा हमला करने की आशंका है। ट्रंप ने वादा भी किया है कि वह ईरान को इसका सबक सिखाएंगे। उन्होंने कहा कि जोरदार हमला किया जाएगा। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि ट्रंप की धमकी के बाद उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने पूर्वी होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर एक अमेरिकी एमक्यू- 9 ड्रोन को रोका।

अल जजीरा और सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग महीने भर की शांति के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य तनाव फिर बढ़ गया है। आठ
अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच शुरुआती संघर्ष विराम लागू होने के बाद से ऐसी कई बार नौबत आई है। तनाव बढ़ने पर अमेरिका ने कई बार ईरान पर हमले किए हैं। इनमें 25 मई, 27 मई, 30 मई, 31 मई, 2 जून, 5 जून, 9 जून, 10 जून, 26 जून, 27 जून, 7 जुलाई, 8 जुलाई, 11 से 23 जुलाई और 30 अगस्त के हमले शामिल हैं।
इन हमलों में रडार साइट्स, एयर डिफेंस सिस्टम, ड्रोन व मिसाइल सुविधाओं को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि यह हमले ईरान की धमकियों या हमलों के जवाब में किए गए। हालांकि वाशिंगटन और तेहरान 17 जून को संघर्ष विराम के एक समझौते पर सहमत हुए। बाद में नियमों के उल्लंघन के कारण फिर से टकराव शुरू हो गया। और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते को रद्द घोषित कर दिया। जुलाई में संघर्ष काफी बढ़ गया और कई रातों तक लगातार सैन्य कार्रवाई होती रही।
इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन, बहरीन, कुवैत और कतर जैसे देशों में अमेरिकी सेना से जुड़े ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल शिपिंग में भी रुकावट पैदा की। धैर्य जवाब देने पर अमेरिका ने 30 अगस्त को लराक द्वीप पर ईरान के दो लॉन्चरों को निशाना बनाया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जॉर्डन में अमेरिकी कर्मियों पर ईरानी हमलों का जवाब देने का वादा किया है। उन्होंने कहा, “हम उन पर जोरदार हमला करेंगे।”
ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य सुरक्षित है। हमले में ईरान के वित्तीय सिस्टम, सेना और नेतृत्व को काफी नुकसान पहुंचा है। इसका मतलब यह नहीं है कि हम अब हमला नहीं करेंगे। इस बीच यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से निकलते समय ओमान के खसाब के पास एक टैंकर पर तीन अज्ञात प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या रॉकेट जैसे हथियार) से हमला किया गया।
इस घटनाक्रम पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन की टिप्पणी आई है। उन्होंने इसे ईरानी तेल पर अमेरिकी रोक को “बड़ी जीत” बताया है। उन्होंने कहा कि इसका ईरान की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ रहा है और इसे जारी रहना चाहिए। बोल्टन ने कहा कि यह रोक “ईरान को तेल और अन्य सामानों का निर्यात करने से रोकने में बहुत असरदार” रही है। ऐसा युद्ध की शुरुआत से ही लागू होता तो और बेहतर होता।




