हरिहरगंज ; ढकचा-सलैया पंचायत को नौडीहा प्रखंड में शामिल करने की मांग
ग्रामीणों ने बीडीओ को सौंपा आवेदन, कहा- 20-22 किमी दूर हरिहरगंज आने में होती है परेशानी
Palamu : हरिहरगंज प्रखंड के सुदूरवर्ती ढकचा व सलैया पंचायत के ग्रामीणों ने गुरुवार को दोनों पंचायतों को नौडीहा बाजार प्रखंड में शामिल करने की मांग को लेकर प्रखंड मुख्यालय पहुंचकर बीडीओ पारितोष प्रियदर्शी को आवेदन सौंपा. ग्रामीण आजसू के जिला सचिव जितेंद्र विश्वकर्मा के नेतृत्व में पहुंचे थे. आवेदन के माध्यम से ग्रामीणों ने बताया कि ढकचा व सलैया पंचायत में कुल 12 गांव आते हैं, जिनकी आबादी करीब 15 हजार है. दोनों पंचायत हरिहरगंज प्रखंड के अत्यंत सुदूरवर्ती एवं पिछड़े क्षेत्र में स्थित हैं. ग्रामीणों का कहना है कि प्रखंड स्तरीय कार्यों के लिए उन्हें पैदल करीब 20-22 किलोमीटर की दूरी तय कर हरिहरगंज प्रखंड मुख्यालय पहुंचना पड़ता है.

इससे ग्रामीणों को समय और आर्थिक परेशानी के साथ-साथ कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. वहीं, नौडीहा बाजार प्रखंड की दूरी इन पंचायतों से काफी कम है. ग्रामीणों ने सरकार से दोनों पंचायतों को नौडीहा बाजार प्रखंड में शामिल करने की मांग की. आजसू जिला सचिव जितेंद्र विश्वकर्मा ने कहा कि ढकचा और सलैया पंचायत को नौडीहा प्रखंड में शामिल करने का मामला विधानसभा में भी उठाया जा चुका है. उन्होंने कहा कि दोनों पंचायत हरिहरगंज प्रखंड के सुदूर क्षेत्र में हैं. अत्यधिक दूरी के कारण ग्रामीणों को प्रखंड से संबंधित कार्यों के लिए हरिहरगंज आने में काफी परेशानी होती है. नौडीहा प्रखंड से जुड़ने पर ग्रामीणों को काफी सहूलियत मिलेगी.
बीडीओ ने कहा- पुनः होगी ग्राम सभा
बीडीओ पारितोष प्रियदर्शी ने बताया कि कुछ माह पूर्व भी ग्रामीणों ने ढकचा व सलैया पंचायत को नौडीहा प्रखंड में शामिल करने की मांग की थी. उपायुक्त के निर्देश पर इस संबंध में ग्राम सभा करायी गयी थी, जिसमें अधिकांश ग्रामीणों ने हरिहरगंज प्रखंड में ही रहने की बात कही थी. ग्राम सभा की रिपोर्ट पलामू उपायुक्त को भेज दी गयी थी. अब ग्रामीणों ने पुनः नौडीहा प्रखंड में शामिल करने की मांग की है. उन्होंने बताया कि तिथि निर्धारित कर पुनः ग्राम सभा करायी जाएगी.
मौके पर आजसू प्रखंड अध्यक्ष अजीत कुमार सिंह, प्रखंड सचिव इरशाद आलम, आलोक सिंह, गणेश प्रसाद सिंह, धनंजय सिंह, राजेंद्र सिंह, रणजीत सिंह, श्यामदेव सिंह, महेंद्र विश्वकर्मा, राधा देवी, कुंदन गुप्ता, सूर्यदेव सिंह, रमेश कुमार यादव, त्रिपुरारी गुप्ता समेत कई ग्रामीण मौजूद थे.




