
धार्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए प्रसिद्ध है पलामू प्रमंडल का गढ़वा जिला
32 मन शुद्ध सोने की मूर्ति के लिए नेशनल-इंटरनेशनल लेवल पर फेमस है बंशीधर स्थित राधा-कृष्ण का मंदिर

Gadhwa : जिले में कई धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थल स्थित हैं। जिनमें मुख्य रूप से नगर उंटारी स्थित बंशीधर मंदिर, जो 32 मन शुद्ध सोने की मूर्ति के लिए विश्व प्रसिद्ध है। बंशीधर मंदिर में राधा-कृष्ण विराजमान हैं। यहां देश-विदेश से लोग पहुंचते हैं। यह मंदिर झारखंड और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित है। इसके अतिरिक्त नगर उंटारी में ही स्थित राजा पहाड़ी शिव मंदिर, गढ़वा का गढ़देवी मंदिर, केतार प्रखंड में स्थित माँ चतुर्भुजी शक्ति पीठ,बाबा खोनहारनाथ मंदिर जैसे स्थान आध्यात्मिक और पिकनिक के लिए लोकप्रिय हैं। इसके अतिरिक्त धुरकी प्रखंड स्थित सुखलदरी जलप्रपात, गढ़वा स्थित अन्नराज डैम ,नगर उंटारी स्थित बम्बा डैम,पंडरवा डैम,बभनी खांड डैम, सतबहिनी झरना अपनी प्राकृतिक सुंदरता और बोटिंग के लिए प्रसिद्ध हैं, जो पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
बंशीधर मंदिर : नगर उंटारी में स्थित एक प्राचीन मंदिर है, जो अपनी राधा-कृष्ण की सुंदर प्रतिमा जो शुद्ध सोने की मूर्तियों के लिए जाना जाता है। यह एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। यहां वर्ष के बारहों महीने सैलानी आते रहते हैं।
राजा पहाड़ी शिव मंदिर : नगर उंटारी में स्थित राजा पहाड़ी शिव मंदिर एक प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल है, जो 2000 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। भक्तों की मन्नतें पूरी करने के लिए जाना जाता है, खासकर सावन और महाशिवरात्रि के दौरान यहां उत्तर प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ से भी भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, और यह एक सुंदर पिकनिक स्पॉट भी है।

सुखलदरी जलप्रपात : गढ़वा जिले के धुरकी प्रखंड में कनहर नदी पर स्थित है। यह छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश की सीमा के पास है। झरने की ऊंचाई लगभग 100 फीट है। यह झरना घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरा हुआ है, जो इसे प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आदर्श स्थान बनाता है। मकर संक्रांति के अवसर पर यहां एक भव्य मेला लगता है, जिसमें विभिन्न राज्यों के लोग बड़ी संख्या में आते हैं।मेले के दौरान, नदी के पार एक प्राचीन मंदिर है जहाँ श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते हैं।

पंडरवा डैम : गढ़वा जिले के नगर उंटारी स्थित एक सुंदर और रमणीक स्थल है पंडरवा डैम, जो प्राकृतिक जल स्रोत और आसपास के जंगल-पहाड़ों के कारण सैलानियों को आकर्षित करता है। खासकर नए साल और मकर संक्रांति पर लोग यहाँ पिकनिक और वनभोज के लिए आते हैं। जो इस जगह को एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल बनाता है।
डैम के बीच में एक प्राकृतिक जलस्रोत है, जिससे हमेशा पानी भरा रहता है और यह स्थान हरा-भरा रहता है।डैम के उत्तर और पूर्व दिशा में जंगल और पहाड़ हैं, जो इसकी सुंदरता को और बढ़ाते हैं।

बम्बा डैम : गढ़वा जिले में श्री बंशीधर नगर मुख्यालय स्थित एक प्राकृतिक और लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, जो अपनी सुंदरता, पहाड़ों और हरियाली के लिए जाना जाता है और लोग पिकनिक और घूमने के लिए यहाँ आते है।यह डैम पहाड़ों और घने हरे-भरे पेड़ों से घिरा है, जो इसे एक खूबसूरत पिकनिक स्पॉट बनाता है।सैलानी यहाँ प्रकृति का आनंद लेने, घूमने और जश्न मनाने के लिए आते हैं।

अन्नराज डैम: गढ़वा से करीब 10 किमी दूर यह डैम अपनी हरियाली, पहाड़ों और बोटिंग की सुविधा के लिए प्रसिद्ध है, जो इसे एक बेहतरीन पिकनिक स्पॉट बनाता है।
गढ़देवी मंदिर : गढ़वा का मां गढ़देवी मंदिर बेहद प्रसिद्ध है। नवरात्र में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।श्रद्धालुओं की इस भीड़ में मन्नत मांगनेवाले और मन्नत पूरी होने पर मां के दर्शन करनेवाले दोनों शामिल होते हैं। वर्ष के दोनों नवरात्र के अलावा इस मंदिर में श्रावण मास में भी भक्तों की भीड़ उमड़ती है।

मां चतुर्भुजी मंदिर : मां चतुर्भुजी मंदिर केतार में है। यहां नवरात्र पर एक महीने के लिए मेला लगता है। हर साल का आयोजन भव्य होता है। चैत्र नवरात्रि के साथ-साथ लोगों को केतार के मां चतुर्भुजी मंदिर में लगने वाले मेले का भी बेसब्री से इंतजार रहता है। सुप्रसिद्ध मां चतुर्भुजी मंदिर के प्रति लोगों में गहरी आस्था है। इसका इतिहास 300 साल पुराना है।
बाबा खोनहारनाथ मंदिर: यह गढ़वा प्रखंड में स्थित भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण मंदिर है, जो श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचता है।
नेहरू पार्क और अंबेडकर पार्क: ये पार्क गढ़वा शहर में परिवार के साथ आराम करने और पिकनिक मनाने के लिए अच्छे स्थान हैं। इसके अतिरिक्त जिरवा डैम, और भवनाथपुर का सेल डैम भी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाने जाते हैं। गढ़वा जिला धार्मिक और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है, जहाँ हर साल हजारों पर्यटक आते हैं, खासकर त्योहार और नव वर्ष के आगमन पर भारी संख्या में सैलानियों के भीड़ जमा होता है।




