
ग्यारह पड़हा लातेहार के गुरगु में आयोजित हुआ पड़हा सम्मेलन,
Rahul Kumar @ united palamu
लातेहार: ग्यारह पड़हा गुरगु में भव्य पड़हा सम्मेलन का आयोजन 05 फरवरी 2026 को किया गया। सम्मेलन में झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री देवकुमार धान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में आसपास के विभिन्न गांवों से हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।मुख्य अतिथि देवकुमार धान ने अपने संबोधन में कहा कि पड़हा आदिवासियों की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था है, जो आदिकाल से चली आ रही है। इसे सशक्त करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को अपनी संस्कार, रीति-रिवाज, भाषा और संस्कृति की रक्षा स्वयं करनी होगी, क्योंकि पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को बचाए रखने से ही आदिवासी समाज की पहचान और सुरक्षा संभव है।उन्होंने शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाएं, ताकि आने वाली पीढ़ी आर्थिक रूप से सशक्त बन सके और समाज को आगे बढ़ा सके।सम्मेलन में उपस्थित वक्ताओं ने आगामी जनगणना में लोगों से बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। साथ ही PESA कानून 2026 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को इसके अधिकारों और महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया।सम्मेलन में प्रमुख रूप से प्रखंड पड़हा दीवान रामलाल उरांव, बनेश्वर उरांव (बन्हारदी पड़हा बेल), राजीव उरांव, सामाजिक अगुवा दुर्गा सिंह, नंदकिशोर सिंह (खेरवार पर्व खरवार आदिवासी परिषद अध्यक्ष), आशाराम सिंह, चुरामन उरांव, सूरजन सिंह, धर्म अगुवा तेतर उरांव, बलराम उरांव (हेरहंज प्रखंड पड़हा बेल), पूर्व मुखिया हारमोहन सिंह (तरवाडीह), धर्म अगुवा भागेश्वर उरांव, बिनोद उरांव, मानेसर सिंह, जोखन सिंह, हरिहर सिंह सहित अनेक सामाजिक व धर्म अगुवा उपस्थित थे। कार्यक्रम का मंच संचालन नरेश उरांव एवं बीरेंद्र उरांव ने किया।सम्मेलन के सफल आयोजन से आदिवासी समाज में पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था, शिक्षा और अधिकारों के प्रति नई जागरूकता देखने को मिली।






