
प्रवासी मजदूर की मौत के बाद घर में पसरा मातम
Latehar : बारियातू प्रखंड क्षेत्र के डाढ़ा ग्राम निवासी पाण्डु तुरी के पुत्र रुपेश कुमार तुरी (35 वर्ष) की हैदराबाद से घर लौटने के दौरान हुई असमय मौत ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। परिवार की आजीविका चलाने वाले एकमात्र कमाऊ सदस्य के चले जाने के बाद घर में मातम के साथ-साथ भूख की पीड़ा और भविष्य की चिंता गहराती नजर आ रही है।मृतक की पत्नी रूपा देवी ने रोते हुए बताया कि घर में खाने पीने सहित आजीविका चलाने के लिये काफी दिकत था इसी मजबूरी में उनके पति और बड़े पुत्र रोज़गार की तलाश में हैदराबाद गए थे। परिवार की भूख मिटाने गए पति की मृत शरीर घर लौटेगी, यह किसी ने सोचा भी नहीं था। अंतिम संस्कार के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है। मृतक का पुत्र तरुण जिसका 3 फरवरी से इंटरमीडिएट की परीक्षा शुरू होनी थी। पिता को मुखाग्नि देने के बाद मानसिक रूप से इतना टूट गया कि परीक्षा में शामिल नहीं हो सका।
परिजनों व ग्रामीणों ने बताया कि रुपेश ही घर का एकमात्र सहारा थे। अब घर में राशन तक नहीं है और चूल्हा ठंडा पड़ा है। मृतक के पिता पाण्डु तुरी (66) ने बताया कि उन्होंने चार बार वृद्धा पेंशन के लिए आवेदन दिया लेकिन आज तक लाभ नहीं मिला। पत्नी के आधार कार्ड में उम्र की त्रुटि के कारण दोनों पेंशन से वंचित हैं। ग्रामीणों ने प्रखंड प्रशासन से पारिवारिक लाभ, पेंशन और राशन उपलब्ध कराने की मांग की है। पंचायत मुखिया सुरेश उरांव ने बताया की पीड़ित परिवार को तत्काल कुछ राशन उपलब्ध कराने और आवश्यक दस्तावेज जमा करवा कर हर संभव मदद का भरोसा दिया है। बीडीओ अमित कुमार पासवान से बात किए जाने पर बताया की मृत्यु प्रमाण पत्र आते ही विधिवत पारिवारिक लाभ दिया जायेगा। मृतक के माता पिता व पत्नी को पेंशन की तुरंत स्वीकृति कराई जाएगी। पीड़ित परिवार को प्रखंड प्रशासन हर संभव मदद करेगी।





