झारखंड में रसोई गैस को लेकर बढ़ी परेशानी, उपभोक्ता लगा रहे हैं गैस एजेंसी का चक्कर
Ranchi : अमेरिका- ईरान में जंग का असर रांची, जमशेदपुर,पलामू, धनबाद सहित झारखंड के कई जिलों में दिखाई देने लगा है।अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच शहर में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर लोगों की परेशानी बढ़ती नजर आ रही है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस सिलेंडर की बुकिंग करने में दिक्कत हो रही है, वहीं बाजार में इसकी कालाबाजारी की भी शिकायतें सामने आने लगी हैं। इससे आम लोगों की रसोई पर सीधा असर पड़ रहा है और लोग काफी परेशान हैं।जमशेदपुर शहर के जुगसलाई क्षेत्र स्थित काबरा गैस एजेंसी में बुधवार को बड़ी संख्या में उपभोक्ता गैस बुकिंग और सिलेंडर की जानकारी लेने के लिए पहुंचे। एजेंसी के बाहर लोगों की भीड़ देखी गई। गैस बुक कराने पहुंची आशा पांडेय, संत बेहरा समेत कई ग्राहकों ने बताया कि वे पिछले तीन-चार दिनों से ऑनलाइन माध्यम से गैस बुक करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बार-बार प्रयास करने के बावजूद बुकिंग नहीं हो पा रही थी। इसके बाद मजबूर होकर उन्हें सीधे एजेंसी पहुंचना पड़ा।
उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग नहीं होने के कारण उन्हें समय पर गैस नहीं मिल पा रही है। वहीं कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि बाजार में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी भी शुरू हो गई है।

एजेंसी संचालकों के अनुसार कुछ समय के लिए ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी आ गई थी, जिसके कारण उपभोक्ताओं को परेशानी हुई। हालांकि अब उस समस्या को ठीक कर लिया गया है और बुकिंग की प्रक्रिया फिर से सामान्य रूप से चल रही है।
शहर के कई इलाकों में गैस को लेकर लोगों की चिंता बनी हुई है। लोगों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात और अफवाहों के कारण लोग अतिरिक्त सिलेंडर जमा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे स्थिति और जटिल हो रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि गैस की कालाबाजारी पर सख्त निगरानी रखी जाए और जरूरतमंद लोगों को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए, ताकि आम लोगों की रसोई पर संकट न आए।
इधर धनबाद में गैस की संभावित कमी की अफवाह के कारण बुधवार को कई लोग गैस एजेंसियों के बाहर लाइन लगाकर सिलेंडर लेने के लिए खड़े दिखे। हालांकि, गैस एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।जानकारी के अनुसार धनबाद जिले में करीब 6.40 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं को 31 गैस एजेंसियों के माध्यम से गैस सिलेंडर की आपूर्ति की जाती है। इनमें 17 एजेंसियां इंडियन ऑयल की, जबकि 7-7 एजेंसियां भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की हैं। सामान्य दिनों में जिले में रोजाना करीब 16 हजार सिलेंडर की डिलीवरी होती है, लेकिन अफवाह फैलने के बाद यह संख्या बढ़कर लगभग 20 हजार तक पहुंच गई है। गैस लेने पहुंचे एक उपभोक्ता ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्थिति को देखते हुए लोग पहले से गैस लेने पहुंच रहे हैं। वहीं कुछ एजेंसियों में सर्वर की समस्या के कारण लोगों को थोड़ी परेशानी भी हो रही है।




