
मांदर की थाप पर थिरका लातेहार, सरहुल शोभायात्रा में हजारों लोग शामिल
सरहुल के अवसर पर सभी लोग एक–एक पेड़ लगायें: उपायुक्त
लातेहार:जिले भर में प्रकृति का पर्व सरहुल पर्व शनिवार को धूमधाम से मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम वासाओड़ा में हुआ। शोभायात्रा में 70 से अधिक अखरा समितियां शामिल हुईं। हजारों की संख्या में पारंपरिक वेशभूषा में युवक-युवतियां, महिलाएं और बच्चे ढोल-नगाड़े की धुन पर थिरकते नजर आए। शोभायात्रा वासाओड़ा से शुरू होकर मेन रोड, थाना चौक, बाजारटांड़ होते हुए उरदा टांड रेहड़ा पहुंची और फिर वहीं से वापस वासाओड़ा लौटी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता,जबकि विशिष्ट अतिथि एसपी कुमार गौरव ,पूर्व शिक्षा मंत्री बैद्यनाथ राम आईटीडीए निदेशक प्रवीण गगराई, डीआरडीए डायरेक्टर प्रभात रंजन चौधरी, एसडीएम अजय कुमार रजक, जिला शिक्षा अधीक्षक गौतम साहू,एनआरईपी के कार्यपालक अभियंता पुनई उरांव, भूमि संरक्षण पदाधिकारी विवेक मिश्र ,उप निर्वाचन पदा़ मेरी मडकी, प्रदीप सिंह, शामिल हुए। अतिथियों को पगड़ी पहनाकर और महिलाओं को शॉल भेंटकर सम्मानित किया गया। मांदर की थाप पर अतिथियों ने शोभायात्रा का शुभारंभ किया। खुद उपायुक्त, एसपी और पूर्व शिक्षा मंत्री ने मांदर बजाया और ग्रामीणों के साथ थिरके। उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने कहा कि सरहुल जल, जंगल और जमीन से जुड़ा पर्व है। उन्होने कहा कि आज हम पर्यावरण को बचाने के लिए संकल्प लें।साथ ही सरहुल के मौके पर अपने घर,गांव,अखरा में एक-एक पेड़ लगायें।हमें प्रकृति को बचाकर रखना है। एसपी कुमार गौरव ने कहा कि प्रकृति से जुड़कर रहना जरूरी है। छेड़छाड़ से वर्षा कम हो रही है।पूर्व शिक्षा मंत्री बैद्यनाथ राम ने कहा कि सरहुल प्रकृति को संरक्षित करने का प्रतीक है। जीव-जंतु जंगल छोड़ रहे हैं, इसे रोकना होगा।एसडीएम अजय रजक ने कहा कि गांव अब शहर बन रहे हैं, जल-जंगल सिमट रहे हैं। इसे बचाना जरूरी है। उन्होंने आने वाले दिनों में वासाओड़ा के जर्जर भवन को आईटीडीए से बनवाने की घोषणा की। जिप सदस्य विनोद उरांव ने कहा कि यह गांव के देवता की पूजा है। साल के फूलों से देवताओं की पूजा होती है। पाहन बारिश की भविष्यवाणी करते हैं। पानी का स्तर सामान्य हो तो अच्छी बारिश मानी जाती है। सरना समिति के सचिव बिरसा मुंडा ने कहा कि सरहुल खेती से जुड़ा पर्व है। पूरा गांव गीत और नृत्य के साथ इसे मनाता है। यह वसंत में मनाया जाता है, जब साल के पेड़ पर नए फूल आते हैं। कार्यक्रम का मंच संचालन रंथु उरांव ने किया। स्वागत भाषण समिति अध्यक्ष पहलू उरांव ने दिया। मौके पर पहड़ा राजा सुकू उरांव, रंजीत यादव, समिति के उपाध्यक्ष राजकिशोर उरांव,मोती उरांव, आरसेन तिर्की,हरिदयाल भगत, रिंकू कच्छप, रामप्रवेश उरांव, सुरेंद्र उरांव,रमेश उरांव, बाबूलाल उरांव, शांति देवी, सुनीता देवी, मोहन लोहरा, विनोद लोहरा, सरोज लोहरा, बसंतीदेवी,अनिता देवी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। चना और पानी का किया गया वितरण शहर के कई जगहों पर स्टॉल लगाए गए थे। पानी, बिस्कुट आदि बांटे गए। शोभायात्रा के दौरान काफी भीड़भाड़ देखी गई। एसपी कुमार गौरव के निर्देश पर जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात कि गई थी। थाना प्रभारी प्रमोद कुमार शिन्हा खुद मुस्तैद दिखे। चौराहों पर पुलिस तैनात रही। पल-पल की जानकारी ली जा रही थी। अधिकारी दल-बल के साथ मुआयना करते दिखाई दिए।





