Jharkhabd: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 58 अत्याधुनिक दमकल वाहनों को दिखाई हरी झंडी
वर्तमान समय में आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम अत्यंत जरूरी : मुख्यमंत्री
Ranchi : झारखंड अग्निशमन सेवा को आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में गुरुवार को बड़ा कदम उठाया गया। धुर्वा स्थित केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान, गृह रक्षा वाहिनी परिसर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने 58 मिनी वाटर टेंडर विद मिस्ट टेक्नोलॉजी से लैस अत्याधुनिक अग्निशमन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड के लिए आज अत्यंत महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण अवसर है। झारखंड अग्निशमन सेवा के बेड़े में 58 आधुनिक मिनी वाटर टेंडर विद मिस्ट टेक्नोलॉजी का लोकार्पण राज्य की अग्नि सुरक्षा एवं आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था को आधुनिक, सुदृढ़ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। आग की घटना में प्रत्येक क्षण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।

उन्हाेंने कहा कि अग्निशमन दल जितनी शीघ्रता से घटनास्थल पर पहुंचकर कार्रवाई प्रारंभ करता है, उतनी ही अधिक संभावना मानव जीवन और संपत्ति को बचाने की होती है। झारखंड के शहरी क्षेत्र की संकरी गलियों, घनी आबादी वाले इलाकों तथा ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्र की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह आधुनिक एवं कंपैक्ट मिनी वाटर टेंडर त्वरित अग्निशमन प्रतिक्रिया में अत्यंत उपयोगी एवं सहायक सिद्ध होंगे।
सोरेन गुरुवार को रांची के धुर्वा में केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान, गृह रक्षा वाहिनी में आयोजित झारखंड अग्निशमन सेवा के आधुनिकीकरण की दिशा में 58 नए अग्निशमन वाहनों का लोकार्पण कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अवसर पर विधायक कल्पना सोरेन भी उपस्थित रहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 58 मिनी वाटर टेंडर विद मिस टेक्नोलॉजी का लोकार्पण हो रहा है। जैसा आप सभी जानते हैं कि वर्तमान परिस्थिति में फायर सेफ्टी कितनी जरूरी है। हमारी सरकार का प्रयास है कि राज्य में फायर सर्विसेज को आधुनिक और सुदृढ़ की जाए, अभी यहां पर हम सभी को आग लगने से संबंधित एक छोटा सा डेमो दिखाया गया कि आग लगी की घटनाएं कैसी होती हैं और इससे कैसे काबू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कभी-कभी लोग स्थानीय स्तर पर आग लगने की घटनाओं से निपटने के लिए अपने तरीके से उपाय निकलते हैं और कई बार उपाय लगाते-लगाते भारी नुकसान भी हो जाता है। उन्होंने कहा कि आजकल शहरों एवं सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में जिस प्रकार की बसावटें हैं जहां आग की घटनाओं पर क्विक रिस्पांस सिस्टम स्थापित कर पाना बड़ी चुनौती है। अगलगी की घटनाओं पर आग बुझाने की प्रक्रिया कई तरीकों से की जाती है। उन्होंने कहा कि आज का यह लोकार्पण केवल 58 वाहनों को अग्निशमन सेवा में शामिल करने का कार्यक्रम नहीं है बल्कि यह झारखंड सरकार की नागरिकों के जीवन, संपत्ति और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता का प्रतीक है।




