Jharkhand Student Protest : छात्रों में खुशी और गम का माहौल
Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार की रात चौंकाने वाला फैसला लेकर सभी को अचंभित कर दिया। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि झारखंड में टीडीपीएल (TDPL) द्वारा जितने भी परीक्षाएं ली गई है सभी को रद्द करने का फैसला किया गया है। साथ ही जेएसएससी सीजीएल (JSSC-CGL) की परीक्षा को भी रद्द कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के इस फैसले से 25 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों को राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ CGL उत्तीर्ण कर चुके छात्रों के बीच गम का माहौल है, जो करीब 7 महीना से झारखंड सरकार में अपनी सेवा दे रहे थे।

TDPL द्वारा ली गई JPSC-JSSC की परीक्षा, जिस पर गिरी गाज
JPSC
- संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा – रेगुलर
- संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा – बैकलॉग
- संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) – इसमें 14वीं JPSC PT भी शामिल है।
- सिविल जज जूनियर डिवीजन परीक्षा
- सहायक लोक अभियोजक (APP) – बैकलॉग
- सहायक लोक अभियोजक (APP) – रेगुलर
- इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज भर्ती परीक्षा
- परियोजना प्रबंधक भर्ती परीक्षा
- बॉयलर इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा
- झारखंड पात्रता परीक्षा (JET)
JSSC
- झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (JGGLCCE)
- झारखंड तकनीकी/विशिष्ट योग्यताधारी स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा
- झारखंड फील्ड वर्कर प्रतियोगिता परीक्षा
- झारखंड वनरक्षक प्रतियोगिता परीक्षा
- झारखंड PGT शिक्षक नियुक्ति परीक्षा
कोर्ट जाने की तैयारी में JSSC-CGL के सफल अभ्यर्थी
JSSC-CGL परीक्षा रद्द होने के सरकार के फैसले ने उन करीब 1975 चयनित अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ा दी है, जो इसी नियुक्ति के आधार पर पिछले सात महीने से अलग-अलग सरकारी विभागों में नौकरी कर रहे हैं. चयनित कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने नियुक्ति मिलने के बाद अपनी जिम्मेदारी संभाली और कई अभ्यर्थियों ने इस नौकरी के लिए पुरानी नौकरी तक छोड़ दी. अब परीक्षा रद्द होने के फैसले के बाद उन्हें नौकरी और भविष्य दोनों पर संकट मंडराता दिख रहा है. सरकार के फैसले के खिलाफ चयनित कर्मचारी अब कोर्ट जाने की तैयारी में हैं.
CBI जांच की मांग पर अड़े आंदोलनरत छात्र

जयपाल सिंह स्टेडियम में रिफॉर्म मंच के छात्र अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि सिर्फ परीक्षा रद्द करने से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। छात्रों ने कहा कि जेपीएससी और सीजीएल सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच होने तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्र उमेश प्रसाद ने कहा कि सीबीआई जांच के बगैर छात्रों की मांग पूरी नहीं मानी जाएगी। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई जरूरी है।मंच की ओर से अभ्यर्थियों ने कहा कि सरकार ने अपनी बात सामने रखी है, लेकिन आंदोलन की मुख्य मांगों पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जब तक पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक रिफॉर्म मंच का आंदोलन जारी रहेगा।

हेमंत कैबिनेट का फैसला
परीक्षा रद्द: छात्रों के लंबे आंदोलन और अनियमितताओं के दावों के बीच बहुप्रतीक्षित JSSC-CGL परीक्षा को रद्द कर दिया गया है।
टीडीपीएल की सभी परीक्षा रद्द : वर्ष 2014 से अब तक TDPL द्वारा ली गई सभी नियुक्तियां, परीक्षा परिणाम और प्रक्रियाएं निरस्त कर दी गईं।
न्यायिक जांच: इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और व्यापक जांच एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में कराई जाएगी।

अब आगे होगा क्या ?
गलत 25 दिनों से रांची में आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच खुशी का माहौल तो जरूर है, लेकिन इन लोगों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सीबीआई जांच की मांग सरकार मान नहीं लेती है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। झारखंड सरकार सब करने को तैयार है, लेकिन सीबीआई जांच पर तैयार नहीं हो रही है। इधर जेएसएससी सीजीएल उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने भी अब आंदोलन तेज कर दिया है। ऐसे में स्पष्ट है कि झारखंड की धरती अभी आंदोलन की आग से तपता रहेगा, इसमें कहीं कोई शक नहीं है। सरकार के सामने आगे कुआं और पीछे खाई वाली स्थिति बनती दिख रही है।



