Palamu : मेदिनीनगर जिला पुस्तकालय में आयोजित हुआ 90 मिनट सार्थक पहल : मार्गदर्शन एवं संवाद कार्यक्रम
प्रशिक्षु IAS ऋत्विक मेहता ने विद्यार्थियों से संवाद कर अध्ययन पद्धति, समय प्रबंधन एवं व्यक्तित्व विकास के दिए टिप्स
Palamu : मास्टर सोबरन मांझी जिला पुस्तकालय, पलामू में रविवार को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए “90 मिनट सार्थक पहल : मार्गदर्शन एवं संवाद कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। उपायुक्त, पलामू दिलीप प्रताप सिंह शेखावत के मार्गदर्शन में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ अध्ययन पद्धति, समय प्रबंधन, व्यक्तित्व विकास एवं लक्ष्य प्राप्ति के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना था।
कार्यक्रम में ऋत्विक मेहता, IAS (प्रशिक्षु) ने विद्यार्थियों के साथ लगभग 90 मिनट तक खुला संवाद किया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों के परिचय और उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि एवं प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी से संबंधित जानकारी लेने से हुई। इसके बाद विभिन्न विषयों पर चरणबद्ध एवं संवादात्मक तरीके से चर्चा की गई। ऋत्विक मेहता ने विद्यार्थियों को बताया कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी केवल अधिक घंटे पढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि सही तरीके से पढ़ना, विषयवार अध्ययन करना, नियमित रिवीजन करना, अपनी तैयारी का परीक्षण करते रहना और कमजोर क्षेत्रों की पहचान कर उनमें सुधार करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने समय प्रबंधन, नोट्स बनाने की सही पद्धति, समाचार पत्र पढ़ने के तरीके, सामान्य जागरूकता विकसित करने तथा अध्ययन के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखने से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के साथ रीजनिंग एवं तार्किक प्रश्नों पर चर्चा भी की गई। साथ ही अध्ययन के दौरान प्रश्नों को समझने, सोचने की क्षमता विकसित करने, अपनी तैयारी का आकलन करने तथा निरंतर अभ्यास के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों के प्रश्नों और उनकी व्यक्तिगत तैयारी से संबंधित समस्याओं पर भी श्री मेहता ने सीधे संवाद करते हुए सुझाव दिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि पढ़ाई का उद्देश्य केवल नौकरी प्राप्त करना नहीं होना चाहिए। शिक्षा का व्यापक उद्देश्य अपने आसपास एक बेहतर समाज का निर्माण करना और देश के लिए सकारात्मक एवं उपयोगी कार्य करने की क्षमता विकसित करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से विषयों को केवल रटने के बजाय उन्हें समझकर और व्यवस्थित तरीके से पढ़ने, अपने आत्मविश्वास को लगातार बेहतर करने तथा सीखने की प्रक्रिया को निरंतर जारी रखने की बात कही।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि यह पारंपरिक व्याख्यान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों की सहभागिता और उनके प्रश्नों पर आधारित खुले संवाद एवं समस्या-समाधान सत्र के रूप में आयोजित किया गया। UPSC, JPSC, JSSC, SSC, Banking एवं Railway सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों ने इसमें सहभागिता की।
अब प्रत्येक रविवार खुलेगा जिला पुस्तकालय
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की जानकारी भी साझा की गई। मास्टर सोबरन मांझी जिला पुस्तकालय, पलामू अब प्रत्येक रविवार को भी खुला रहेगा। पुस्तकालय में तैयार किए गए दो अध्ययन हॉल भी सदस्यों के लिए रविवार सहित नियमित रूप से प्रातः 7:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक उपलब्ध रहेंगे।
श्री ऋत्विक मेहता ने विद्यार्थियों को यह भी जानकारी दी कि वे प्रत्येक रविवार जिला पुस्तकालय में “90 मिनट सार्थक पहल” के तहत विद्यार्थियों के साथ संवाद एवं मार्गदर्शन सत्र आयोजित करने का प्रयास करेंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को नियमित रूप से मार्गदर्शन, विचार-विमर्श और अपनी अध्ययन संबंधी समस्याओं पर चर्चा के लिए एक मंच उपलब्ध कराना है।
जिला पुस्तकालय की ओर से बताया गया कि पुस्तकालय अब केवल पुस्तकों के अध्ययन का स्थान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को ज्ञान, प्रेरणा, मार्गदर्शन, संवाद और उज्ज्वल भविष्य की दिशा प्रदान करने वाला एक सक्रिय शैक्षणिक मंच बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। रविवार को पुस्तकालय खोलने एवं नियमित संवाद कार्यक्रम आयोजित करने की पहल इसी उद्देश्य का हिस्सा है।




