
पाटन: 11 सितंबर से लापता व्यक्ति का शव महाराष्ट्र में मिला,आक्रोशित ग्रामीणों ने पाटन थाना का किया घेराव
मेदिनीनगर : पलामू जिले के पाटन थाना क्षेत्र के सतउवा गांव निवासी लापता रामव्रत भुइयां (उम्र 28 वर्ष) का शव महाराष्ट्र के वीरभूनगर रेलवे स्टेशन से बरामद हुआ।शनिवार सुबह करीब 11 बजे एंबुलेंस से शव पाटन थाना पहुंचा।शव पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण थाना गेट पर जुट गये.
आक्रोशित ग्रामीणों ने मुख्य गेट को घेरकर सड़क जाम कर दी।ग्रामीणों की मांग थी कि रामव्रत की मौत की पूरी जांच करायी जाये और मामले में जिन लोगों की भूमिका सामने आये, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाये. इसके साथ ही मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की भी मांग की गयी. पुलिस अधिकारियों के समझाने और कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद थाना गेट से जाम हटाया गया. इसके बाद ग्रामीणों ने पाटन के लोहिया चौक के पास करीब एक घंटे तक सड़क जाम रखा. पुलिस के आश्वासन के बाद जाम समाप्त हुआ, जिसके बाद पुलिस शव को लेकर गांव पहुंची।परिजनों के अनुसार, रामव्रत 11 सितंबर को गांव के ही अखिलेश भुइयां के साथ घर से निकला था. बताया गया कि अखिलेश उसे काम के सिलसिले में मदुरै पहुंचाने की बात कहकर अपने साथ ले गया था. घर से निकलने के बाद रामव्रत से परिजनों का संपर्क टूट गया. कई दिनों तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिवार की चिंता बढ़ती गयी और उन्हें किसी अनहोनी की आशंका होने लगी.

परिजनों और ग्रामीणों ने अखिलेश को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था. रामव्रत की पत्नी रूबी देवी और बहन पार्वती देवी ने उस समय ही उसकी हत्या की आशंका जतायी थी. उनका आरोप था कि अखिलेश रामव्रत को जबरन अपने साथ ले गया था. अब 23 दिन बाद दूसरे राज्य में शव मिलने के बाद परिजनों की ओर से पहले जतायी गयी आशंका को लेकर भी जांच की मांग तेज हो गयी है।वीरभूनगर जीआरपी को रेलवे स्टेशन से रामव्रत का शव मिला. उसके पास से रेलवे टिकट बरामद हुआ, जिसके आधार पर जीआरपी ने पहचान की प्रक्रिया शुरू की. बताया गया कि रामव्रत के पास हटिया से चेन्नई के लिए दो लोगों का टिकट था. जीआरपी ने टिकट और शव की तस्वीर पलामू पुलिस को भेजी. इसके बाद पलामू पुलिस ने तस्वीर परिजनों को दिखायी. परिजनों ने शव की पहचान रामव्रत के रूप में की. इसके बाद पाटन थाना के सअनि प्रभात किरण को मृतक के परिजनों के साथ वीरभूनगर भेजा गया.
पुलिस टीम शव को लेकर पाटन पहुंची।रामव्रत किन परिस्थितियों में घर से निकला, वह महाराष्ट्र के वीरभूनगर रेलवे स्टेशन तक कैसे पहुंचा, उसके साथ यात्रा करने वाला दूसरा व्यक्ति कौन था और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इन सवालों के जवाब अब पुलिस जांच में अहम होंगे. परिजनों की ओर से पहले ही हत्या की आशंका जताये जाने के कारण मामले की जांच और पुलिस की कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर है।
पलामू एसपी कपिल चौधरी के निर्देश पर पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है. राज्य के वित्त मंत्री सह छतरपुर-पाटन विधायक राधाकृष्ण किशोर की पहल के बाद पुलिस टीम गठित कर शव लाने की कार्रवाई की गयी. ग्रामीणों ने बताया कि शव लाने के लिए एक लाख 10 चंदा कर राशि जुटायी गयी, जिसके बाद एंबुलेंस से शव पाटन पहुंचाया गया.
परिजनों के अनुसार, रामव्रत घर का अकेला कमाने वाला सदस्य था. मौके पर पाटन पश्चिमी के जिप सदस्य जयशंकर सिंह, सतौवा के मुखिया अखिलेश पासवान, मंजू देवी, श्यामलाल, नागेंद्र, विवेक सिंह, श्रवण भुइयां, विकाश रवि, गीरेंद्र प्रसाद, तूफानी राम, बाबूलाल राम, पत्नी रूबी देवी, सोना देवी, प्रभा देवी समेत अन्य लोग मौजूद थे।




