मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माँ श्रीमती रूपी सोरेन के दाह संस्कार में शामिल हुए अविनाश देव
Ranchi : झारखंड आंदोलन के अगुआ,दिवंगत दिशोम गुरु पद्म विभूषण श्री शिबू सोरेन की पत्नी व झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माँ श्रीमती रूपी सोरेन के दाह संस्कार में झारखंड मुक्ति मोर्चा के यूथ ब्रिगेड अविनाश देव शामिल हुए। वे पलामू से नेमरा शिबू गुरुजी के पैतृक गांव दोपहर ढाई बजे पहुंचे।

अविनाश देव ने बताया कि विधि विधान के बाद साढ़े 3 बजे हेमंत सोरेन ने अपनी दिवंगत माँ रूपी सोरेन को मुखाग्नि दी। हजारों की भीड़, महिला पुरुष बूढ़े बच्चे और राज्य के तमाम आईएएस,आईपीएस सांसद विधायक मंत्री,ग्रामीण आम व खास लोगों ने गुरुजी के संघर्ष के जीवन साथी रूपी जी को नम आंखों से आखरी विदाई दिए। नेमरा के जल जंगल जमीन नदी पहाड़ और लहलहाता फसल सब अपने नायक के कहानी कह रहा था और झारखंड आंदोलन के गवाह रूपी सोरेन को धरती भी अपनी आंसू से ज़ार बेज़ार था।
उन्होंने कहा कि आज सोरेन परिवार सहित पूरा झारखंड गमजदा है। प्रकृति दिवंगत आत्मा को आसमान के बुलंदी पर रखे। शिबू गुरुजी आंदोलन के ब्रेन थे तो रूपी सोरेन लीवर और किडनी थी। दिशोम गुरु संघर्ष के पर्याय थे तो रूपी सोरेन संघर्ष के श्रृंगार थी। शिबू गुरुजी आंदोलन के भूख थे तो रूपी सोरेन भात थी। गुरुजी के लिए रूपी पीपल की छाँव थी आन्दोलनकारियों के ममता की मंजूषा थी।आज ऐसी झारखंड़ के महान आत्मा पांच तत्व में विलीन हो गई। ऐसी दुखद घड़ी में हम झामुमो व सोरेन परिवार के साथ हैं।
विदित हो कि उम्र जनित बीमारी से 07 अक्टूबर बुधवार को रात के साढ़े आठ बजे 72 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस रांची के अस्पताल में ली। श्मशान में हजारों लोगों के साथ चिता में चंदन डाल कर प्रणाम किए और तस्वीर पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित किए। माता रूपी सोरेन जी को सादर नमन।




