
सरस्वती विद्या मंदिर में अग्निहोत्र का आयोजन, विद्यार्थियों ने लिया संस्कारों का संदेश
Latehar: सरस्वती विद्या मंदिर, लातेहार में सोमवार को कक्षा अरुण से द्वितीय (वाटिका) तक के भैया-बहनों, आचार्य एवं दीदीजी की सहभागिता से अग्निहोत्र का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कक्षा द्वितीय ‘अ’ के छात्र हर्षित के माता-पिता राजकुमारी एवं जितेंद्र कुमार उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य उत्तम कुमार मुखर्जी ने कहा कि हवन प्राचीन काल से सनातन संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है, जिसे विद्या भारती में अग्निहोत्र के नाम से जाना जाता है। उन्होंने बताया कि हवन में प्रयुक्त हवन सामग्री, घी, कपूर एवं अन्य औषधीय पदार्थों के गुण वातावरण को शुद्ध करने तथा हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करने में सहायक होते हैं।
उन्होंने कहा कि अग्निहोत्र केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आध्यात्म, विज्ञान, प्रकृति संरक्षण और समस्त सृष्टि के कल्याण की भावना का प्रतीक है। यह पंचमहाभूतों के प्रति कृतज्ञता एवं मंगलकामना का भी माध्यम है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पूरे विधि-विधान के साथ अग्निहोत्र में भाग लिया तथा भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों के महत्व को आत्मसात करने का संकल्प लिया।




