कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 : भारत ने अब तक 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल जीतकर रचा इतिहास
Glasgo : कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार का दिन भारत के लिए ऐतिहासिक और उपलब्धियों से भरा रहा. प्रतियोगिता के फाइनल से ठीक एक दिन पहले भारतीय मुक्केबाजों, जूडोकाओं और पैरा खिलाड़ियों ने देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है.
शनिवार को 8 गोल्ड मेडल्स के साथ भारत कुल 39 मेडल्स जीतकर अंक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया है. भारत के नाम अब तक 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल दर्ज हो चुके हैं. लिस्ट में ऑस्ट्रेलिया 62 गोल्ड के साथ टॉप पर है. वहीं इंग्लैंड (26 गोल्ड) दूसरे और कनाडा (18 मेडल) तीसरे नंबर पर है.
रिंग के अंदर भारतीय मुक्केबाजों ने अपने अब तक के सबसे शानदार प्रदर्शन से इतिहास रच दिया. भारत ने मुक्केबाजी में कुल 7 गोल्ड और 3 सिल्वर मेडल हासिल किए. महिला मुक्केबाजों ने भी 5 गोल्ड मेडल जीते.

इन खिलाड़ियों ने जीते गोल्ड मेडल
जैस्मिन लम्बोरिया (57 किग्रा)
प्रीति पवार (54 किग्रा)
प्रिया सांगवान (60 किग्रा)
साक्षी चौधरी (51 किग्रा)
अरुंधति चौधरी (70 किग्रा)
सचिन सिवाच (60 किग्रा)
अंकुश पंघाल (70 किग्रा)
सिल्वर मेडल जीतने वाले खिलाड़ी
लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा)
जादुमणि सिंह (55 किग्रा)
नरेंद्र बेरवाल (+90 किग्रा)
जूडो में भी ऐतिहासिक उपलब्धि
जूडो के मैदान पर भारत का अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिली. उन्नति शर्मा ने महिलाओं के 63 किग्रा वर्ग में दक्षिण अफ्रीका की स्काई नोस्टर को सिर्फ 1 मिनट 7 सेकंड में इप्पोन के जरिए हराकर ब्रॉन्ज जीता. जूडो में भारत का ये चौथा मेडल था. इससे पहले हर्ष सिंह (पुरुष -60 किग्रा) और अस्मिता डे (महिला -48 किग्रा) ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था, जबकि यामिनी मौर्या ने -57 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल हासिल किया था.
पैरा एथलीटों का बेहतरीन प्रदर्शन, 20 साल का सूखा खत्म
पैरा स्पोर्ट्स में भारतीय एथलीटों ने नया अध्याय लिखा. सोमण राणा ने पुरुषों की F57 पैरा शॉट पुट स्पर्धा में 13.40 मीटर के साथ स्वर्ण पदक जीता. इसी स्पर्धा में भारत के शुभम जुयाल ने 13.28 मीटर थ्रो के साथ सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया.
एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया. वो कॉमनवेल्थ गेम्स के एक ही संस्करण में दो मेडल जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक एंड फील्ड एथलीट बने हैं. इससे पहले उन्होंने 10,000 मीटर में सिल्वर मेडल जीता था.




