छतरपुर : एम्बुलेंस के इंतजार में तड़पता रहा घायल नाबालिक,अनुमंडलीय अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल
Palamu : छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल में सड़क दुर्घटना में घायल एक नाबालिक को बेहतर इलाज के लिए रेफर किए जाने के बाद एम्बुलेंस के इंतजार की स्थिति सामने आई। परिजन घायल को लेकर परेशान रहे और समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की मांग करते नजर आए। घटना ने अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, अस्पताल में दो से चार एम्बुलेंस उपलब्ध होने की बात कही जाती है। इसके बावजूद जरूरत के समय मरीज को एम्बुलेंस के लिए इंतजार करना पड़े तो यह अस्पताल की व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। आपात स्थिति में कुछ मिनट की देरी भी मरीज और उसके परिजनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है।
अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की बात चिकित्सा प्रभारी डॉ. राजेश अग्रवाल द्वारा समय-समय पर कही जाती रही है। ऐसे में लोगों का सवाल है कि जब आपात स्थिति आती है तो मरीजों को समय पर एम्बुलेंस क्यों नहीं मिल पाती?वहीं, क्षेत्रीय विधायक एवं सूबे के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा क्षेत्र के विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर किए गए दावों के बीच अस्पताल की यह स्थिति चर्चा का विषय बन गई है। स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था की समीक्षा करने तथा जरूरत के समय एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की मांग की है।
वीडियो में साफ़ देखा जा रहा हैं कि घायल के परिजन किस तरह से एंबुलेश के लिए बिलख रहे हैं।क्या डॉ राजेश अग्रवाल के बेटे के साथ ऐसा घटना होता तो वे क्या करते हैं। इंसान बनिए महोदय कितना छत्तरपुर के भोले भाले जनता को खून चूसते रहेंगे आप। परिजनों का कहना है कि अस्पताल में आने वाला हर मरीज समय पर इलाज और आवश्यक सुविधा का हकदार है। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि किसी जिम्मेदार व्यक्ति के परिवार के सदस्य को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़े, तो क्या वह भी इसी तरह इंतजार करता ?
फिलहाल घटना को लेकर अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। लोगों की मांग है कि पूरे मामले की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में किसी मरीज को आपात स्थिति में एम्बुलेंस के लिए परेशान न होना पड़े।



