
झारखंड के लिए विनाशकारी है एमएमडीआर बिल, केंद्र सरकार अविलंब वापस ले : रवि डे
Latehar : झाविस नेता सह समाजसेवी रवि कुमार डे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर केंद्र सरकार द्वारा लाए गए एमएमडीआर बिल का विरोध करते हुए इसे झारखंड के लिए विनाशकारी बताया है। उन्होंने कहा कि यह बिल झारखंड के लिए किसी बड़े अभिशाप से कम नहीं है। इसके लागू होने से राज्य के कोने-कोने में विकास कार्य बाधित होंगे और इसका प्रतिकूल प्रभाव राज्य के हर वर्ग के लोगों पर पड़ेगा।
रवि कुमार डे ने कहा कि बिल को पूरे देश में लागू करने की बात कही जा रही है, लेकिन खनिज संपदा से समृद्ध अन्य राज्यों की तुलना में झारखंड पर इसका प्रभाव कहीं अधिक व्यापक होगा। उन्होंने कहा कि झारखंड की अर्थव्यवस्था और विकास में खनिज संसाधनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में इस कानून का राज्य पर दूरगामी और गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि इस बिल को लेकर राज्य के सभी तबकों में भारी आक्रोश है। एनडीए के घटक दल आजसू के सुप्रीमो सुदेश महतो द्वारा भी बिल का विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को राज्य की जनता की भावनाओं को समझते हुए इस बिल पर पुनर्विचार करना चाहिए।
रवि कुमार डे ने दावा किया कि बिल के लागू होने से मंईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना समेत राज्य सरकार की कई महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिसका सीधा असर करोड़ों लोगों पर पड़ेगा।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि झारखंड के हित और राज्यवासियों के व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए एमएमडीआर बिल को अविलंब वापस लिया जाए, ताकि राज्य के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।





