
पलामू के कमिश्नर ने की बड़ी कार्रवाई, बंशीधर नगर के 26 अस्पताल कर्मियों से मांगा स्पष्टीकरण
बंशीधर नगर (गढ़वा) : अनुमंडलीय अस्पताल की व्यवस्थाओं की हकीकत उस समय सामने आ गई जब पलामू प्रमंडल आयुक्त कुमुद सहाय अचानक अस्पताल निरीक्षण के लिए अस्पताल पहुंच गई। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की कई गंभीर खामियां सामने आईं, जिसे देखकर आयुक्त ने गहरी नाराजगी जताई। अस्पताल में गंदगी, टूटे शौचालय, चिकित्सकीय लापरवाही तथा कर्मियों की अनुपस्थिति को लेकर उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई।
ओपीडी शुरू होने के दौरान जैसे ही आयुक्त अस्पताल परिसर पहुंचीं, वहां मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने महिला एवं पुरुष शौचालयों का जायजा लिया, जहां शौचालय के टूटे दरवाजे और गंदगी देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थान में इस तरह की लापरवाही किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।

निरीक्षण के दौरान एक प्रसूता के नवजात शिशु को बुखार होने के बावजूद चिकित्सक द्वारा जांच नहीं किए जाने की बात सामने आने पर आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से पूछा कि मरीजों की देखरेख और उपचार व्यवस्था में इस प्रकार की लापरवाही क्यों बरती जा रही है।आयुक्त के पहुंचने के बाद अस्पताल प्रबंधक भी मौके पर पहुंचीं, जिन्हें आयुक्त ने कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग में इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि अस्पताल की अव्यवस्था को लेकर संबंधित विभाग को पत्र भेजा जाएगा तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां कुछ कर्मियों ने अपनी मर्यादा को भूलते हुए आयुक्त के समक्ष रखी उपस्थिति पंजी उठाकर अपनी उपस्थिति दर्ज करनी शुरू कर दी। इस पर भी आयुक्त ने अप्रसन्नता जताई।
उन्होंने मौके पर मौजूद एसडीओ प्रभाकर मिर्धा को लगातार तीन दिनों तक अस्पताल का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। साथ ही अनुपस्थित पाए गए कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगने तथा संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया।निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने अस्पताल प्रबंधन से मुख्यमंत्री रख-रखाव मद से प्राप्त राशि की जानकारी ली। राशि उपलब्ध होने के बावजूद आवश्यक कार्य नहीं कराए जाने पर उन्होंने अस्पताल उपाधीक्षक पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में कभी भी अस्पताल का औचक निरीक्षण किया जाएगा और यदि पुनः किसी प्रकार की खामी पाई गई तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी।
इधर आयुक्त के निर्देश पर एसडीओ प्रभाकर मिर्धा ने उपस्थिति पंजी के अनुसार अनुपस्थित पाए गए दो दर्जन से अधिक कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा है। एसडीओ ने स्पष्ट किया कि यदि संबंधित कर्मियों का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक कार्रवाई के दायरे में चिकित्सा सहायक, लैब टेक्नीशियन, एएनएम, काउंसलर, नर्स, ओपीडी अटेंडेंट, लैब असिस्टेंट, जीडी असिस्टेंट सहित कई स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं।




