पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा बने राममंदिर के पहले C.E.O
गोविंद देव गिरि बने महासचिव, ट्रस्ट में 3 नए सदस्य भी बनाए गए
Ayodhya : पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बनाए गए हैं। गोविंद देव गिरि को महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। वह अभी कोषाध्यक्ष थे। इसके अलावा ट्रस्ट में एक महिला समेत तीन नए सदस्यों को भी शामिल किया गया है। ट्रस्ट की बुधवार को यहां हुई बैठक के बाद इसकी घोषणा की गयी।
तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक बयान में बताया कि मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर में पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व किया था। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले मिश्रा वायुसेना में अपनी 39 साल की सेवा के बाद 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त हुए थे।
ट्रस्ट में तीन नए सदस्य भी बनाए गए हैं। इनमें अयोध्या छावनी के निवासी एडवोकेट मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के महेश भागचंदका और शिकोहाबाद की रहने वाली डॉ. निर्मला यादव शामिल हैं। निर्मला यादव ट्रस्ट की पहली महिला ट्रस्टी होंगी। भागचंदका को गोविंद देव गिरि के स्थान पर कोषाध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है।

ट्रस्ट के तीन नए सदस्यों में से 74 वर्षीय मदन मोहन पांडेय राम जन्मभूमि के स्वामित्व विवाद मामले में रामलला की ओर से कानूनी पैरवी करने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं। इलाहाबाद उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में राम जन्मभूमि से जुड़े पक्ष की दलीलों में उनकी अहम भूमिका रही। पांडेय उत्तर प्रदेश के छह वर्षों तक अतिरिक्त महाधिवक्ता भी रह चुके हैं।
दूसरे सदस्य 68 वर्षीय महेश भागचंदका दिल्ली के कारोबारी हैं। वर्ष 2020 में राम मंदिर के भूमि पूजन और 22 जनवरी 2024 के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में वह यजमान भी रहे थे। स्नातक तक शिक्षा प्राप्त भागचंदका ‘हिन्दुत्व के पुरोधा’ पुस्तक के लेखक हैं। वर्ल्ड हिंदू इकोनॉमिक फोरम की कार्यकारिणी के सदस्य भागचंदका राम वनगमन यात्रा से जुड़े 292 पवित्र तीर्थस्थलों में श्रीराम स्तम्भ की स्थापना कार्य से भी जुड़े रहे हैं।
ट्रस्ट की तीसरी सदस्य 66 वर्षीय डॉ. निर्मला यादव शिकोहाबाद की रहने वाली हैं। वह ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य हैं। हिंदी और संस्कृत में परास्नातक डॉ. यादव 19 वर्ष तक महाविद्यालय की प्राचार्य रही हैं।
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद दो जुलाई को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद रिटायर्ड आईएफएस कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया था। ट्रस्ट ने पिछले दो माह की चुनौतीपूर्ण अवधि में महासचिव पद का कार्यभार सफलतापूर्वक निर्वहन करने के लिए कृष्ण मोहन की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार प्रकट किया।
ट्रस्ट के मुताबिक बैठक में चढ़ावे की नकद राशि की गणना की प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम करने के निमित किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा हुई। दो बैंकों और आईआईटी से इस संबंध में कुछ प्रस्ताव मिले हैं, जिनका मूल्यांकन कर शीघ्र ही तकनीकी सहायता से इस दिशा में प्रगति हो सकेगी।
ट्रस्ट ने चयन समिति के सदस्यों- न्यायमूर्ति (सेवानिवृत) प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत) विष्णुकांत चतुर्वेदी, सुरेश हावड़े और समिति के सचिव समीर पंडा के प्रति अल्पकाल में साढ़े पांच हजार आवेदनों की जांच और सैकड़ों आवेदकों का साक्षात्कार कर इस कार्य को सम्पन्न करने के लिए आभार व्यक्त किया।
ट्रस्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में कुल आय 237 करोड़ और व्यय 91 करोड़ रुपये रहा। इनके अतिरिक्त निर्माण आदि कार्यों पर 425 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय हुआ। वर्ष के अंत 31 मार्च 2026 को ट्रस्ट के पास कुल उपलब्ध राशि 1882 करोड़ रुपये थी।



