प्रबंधन, संवाद, व्यवहार और सुरक्षा का बोध ही शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य : अविनाश देव
Palamu : संत मरियम आवासीय विद्यालय में आयोजित एक विशेष शैक्षणिक गतिविधि के तहत छात्रावास की छात्राओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण के उद्देश्य से स्थानीय सब्जी बाजार भेजा गया। इस गतिविधि का उद्देश्य छात्राओं की नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता, संचार कौशल, संसाधन प्रबंधन और परिस्थितियों के अनुरूप कार्य करने की क्षमता का आकलन करना था। अलग-अलग दिनों में उन्हें विभिन्न प्रकार की खरीदारी और बाजार प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियों में शामिल किया जाएगा, ताकि वे वास्तविक जीवन के अनुभवों से सीख सकें।

मौके पर संत मरियम आवासीय विद्यालय के चेयरमैन अविनाश देव ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि बच्चों में प्रबंधन क्षमता, संसाधनों का सही उपयोग, संवाद कौशल, व्यावहारिक समझ और सुरक्षा के प्रति जागरूकता विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जीवन की वास्तविक चुनौतियों का सामना करने के लिए विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव देना समय की जरूरत है।

अविनाश देव ने कहा कि आचार्य विनोबा भावे भी जीवनोपयोगी शिक्षा पर विशेष बल देते थे। उनका मानना था कि पढ़ाई पूरी करने के बाद जब युवा गृहस्थ जीवन में प्रवेश करते हैं तो उन्हें व्यावहारिक ज्ञान की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। यदि विद्यार्थियों को समय रहते जीवन मूल्यों, आर्थिक प्रबंधन, संवाद कौशल और जिम्मेदारियों का बोध कराया जाए तो वे भविष्य में अधिक सफल और आत्मनिर्भर बन सकते हैं।

उन्होंने बताया कि छात्राओं ने बाजार में विभिन्न सब्जियों की कीमत, गुणवत्ता और उपयोगिता की जानकारी प्राप्त की तथा सीमित संसाधनों में बेहतर निर्णय लेने का अभ्यास किया। इस दौरान सुरक्षा, समय प्रबंधन और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

अविनाश देव ने कहा कि विद्यालय का प्रयास है कि यहाँ से शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएँ आगे जिस भी संस्थान या कार्यक्षेत्र में जाएँ, वे आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और व्यावहारिक ज्ञान के बल पर अपनी अलग पहचान बनाएँ। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रकार की गतिविधियाँ छात्राओं को रोज़गार के साथ-साथ पारिवारिक और सामाजिक जीवन में भी सफल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।




