भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के प्रावधानों के अनुरूप अनुसंधान प्रक्रिया एवं अनुसंधान में गुणवत्तापूर्ण सुधार हेतु प्रशिक्षण कार्यशाला का हुआ आयोजन
मेदिनीनगर : गाँधी स्मृति टाउन हॉल, मेदिनीनगर में पलामू पुलिस के अनुसंधान के लिए चयनित इच्छुक तथा योग्य पुलिस पदाधिकारियो के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण तथा ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।उक्त कार्यशाला में जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अंचल पुलिस निरीक्षक, थाना प्रभारी एवं अनुसंधानकर्ता उपस्थित रहे। कार्यशाला की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक, पलामू द्वारा की गई।पलामू पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार पलामू पुलिस में कानून व्यवस्था और कांड के अनुसंधान को अलग अलग किया गया है। कानून-व्यवस्था और जांच को अलग करना भारत में पुलिस सुधारों का एक मुख्य हिस्सा है।वर्तमान में यह व्यवस्था पलामू जिले में प्रयोग के तौर पर लागू की गई है।

मुख्य उद्देश्य और लाभ
काम पर ध्यान : जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों को वीआईपी सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण (बंदोबस्त), ट्रैफिक और गश्त जैसी रोजमर्रा की कानून-व्यवस्था की ड्यूटी से मुक्ति मिलती है। विशेषज्ञता : इससे जांच टीम को फॉरेंसिक साइंस, साइबर क्राइम, सबूत जुटाने और कानूनी कागजी कार्रवाई में माहिर होने का मौका मिलता है।तेज जांच:अचानक विरोध-प्रदर्शन या त्योहारों में ड्यूटी न लगने के कारण, आपराधिक मामलों की जांच समय पर पूरी होती है और चार्जशीट जल्दी कोर्ट में दाखिल होती है।सजा की दर में सुधार: बिना किसी रुकावट के वैज्ञानिक तरीके से जुटाए गए सबूतों के कारण अदालत में मामले मजबूत होते हैं, जिससे अपराधियों को सजा मिलने की संभावना बढ़ जाती है।साथ ही, कार्यशाला में निम्न विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण एवं दिशा-निर्देश दिया गया :1. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के प्रावधान BNSS के तहत FIR दर्ज करने, गिरफ्तारी, तलाशी-जप्ती, जमानत एवं आरोप-पत्र दाखिल करने की नई प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी गई। 2. ई-साक्ष्य एवं फॉरेंसिक -अपराध स्थल की वीडियोग्राफी, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के संकलन, संरक्षण एवं न्यायालय में प्रस्तुतीकरण के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
लंबित कांडों का निष्पादन: जिले में लंबित सभी कांडों की समीक्षा कर उनके त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निष्पादन हेतु सभी थाना प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया।गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान : वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान, पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग एवं अभियोजन को सुदृढ़ बनाने हेतु निर्देशित किया गया.5. कांडवार केस में FIR से चार्जशीट तक की पूरी प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई* FIR दर्ज करने से लेकर अनुसंधान, साक्ष्य संकलन, जप्ती-तलाशी और समय पर आरोप-पत्र (चार्जशीट) दाखिल करने तक की प्रक्रिया को BNSS के नए प्रावधानों के अनुसार समझाया गया।
एसपी ने क्या कहा ?
पुलिस अधीक्षक, पलामू द्वारा बताया गया कि BNSS, 2023 का मुख्य उद्देश्य त्वरित न्याय, पारदर्शी अनुसंधान एवं आम नागरिकों को बेहतर न्याय दिलाना है। सभी अनुसंधानकर्ताओं को नए कानून का गहन अध्ययन कर उसका अक्षरशः अनुपालन करने का निर्देश दिया गया।



