
युवा अधिवक्ताओं को कानूनी प्रशिक्षण देने हेतु प्रोजेक्ट जेएआई शुरू, लातेहार से रिषभ रंजन चयनित

Latehar : भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय तथा नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के तत्वावधान में विचाराधीन बंदियों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से Project JAI (Justice Access Initiative) के दूसरे बैच की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत Project for Legal Aid Services to Undertrial Prisoners and Continuous Legal Education कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
इस छह माह के कार्यक्रम में झारखंड के सभी जिलों से पांच वर्ष से कम अनुभव वाले युवा अधिवक्ताओं का चयन जिला प्रतिनिधि के रूप में किया गया है। लातेहार जिले के प्रतिनिधि के रूप में अधिवक्ता रिषभ रंजन का चयन हुआ है। वे लातेहार सिविल कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील कुमार के पुत्र हैं।

कार्यक्रम का प्रथम चरण 30 अक्टूबर 2026 से शुरू हुआ है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कुल चार चरणों में संपन्न होगा। इसमें व्यावसायिक आचरण, अधिवक्ता नैतिकता, प्रभावी पैरवी तथा कानूनी सहायता से संबंधित विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके साथ ही, फील्ड वर्क के माध्यम से प्रतिभागियों को एसिड अटैक पीड़ितों, घरेलू हिंसा से प्रभावित व्यक्तियों, LGBTQ+ समुदाय, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति, वंचित बच्चों तथा किशोर न्याय से जुड़े मामलों में कानूनी सहायता प्रदान करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य युवा अधिवक्ताओं की कानूनी दक्षता को बढ़ाना तथा समाज के वंचित और कमजोर वर्गों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने में उनकी भूमिका को सशक्त बनाना है।




