श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली सांदीपनि आश्रम में जन्माष्टमी की धूम, 15 साल बाद रोहिणी नक्षत्र में मनेगा पर्व

Ujain : भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित सांदीपनि आश्रम में इस बार श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। इस बार 15 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद जन्माष्टमी पर रोहिणी नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बना है। इसके चलते शैव और वैष्णव दोनों संप्रदाय एक ही दिन जन्माष्टमी का पर्व मनाएंगे। जन्मोत्सव को लेकर भगवान श्रीकृष्ण की पाठशाला को फूल बंगले की तर्ज पर भव्य रूप से सजाया गया है।

जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण को केसर स्नान कराया जाएगा। इसके बाद सांदीपनि वंश परिवार द्वारा तैयार विशेष नीलांबर यानी मोर पंखी रंग की मखमली पोशाक और भव्य आभूषण धारण कराए जाएंगे। वहीं, बाल स्वरूप लड्डू गोपाल के लिए सफेद और गुलाबी रंग के विशेष परिधान तैयार किए गए हैं।

पुजारी परिवार की पंडित कीर्ति रूपम व्यास ने बताया कि जन्माष्टमी के वस्त्रों और श्रृंगार की तैयारियां करीब चार महीने पहले ही शुरू कर दी जाती हैं। इस बार परिधानों पर जरदोजी, रेशम और मोतियों की बारीक कारीगरी की गई है। इसके लिए विशेष सामग्री सूरत, जयपुर और कोलकाता से मंगाई गई है।

महाआरती में शामिल होंगे मुख्यमंत्री मोहन यादव

सांदीपनि आश्रम के पुजारी पंडित रूपम कीर्ति व्यास और पंडित राहुल व्यास ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परिसर में वाटरप्रूफ व्यवस्था की गई है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस बार भी प्रतिवर्ष की तरह सपरिवार रात 12 बजे होने वाली महाआरती में शामिल होंगे और भगवान श्रीकृष्ण का पूजन-अर्चन करेंगे। जन्माष्टमी के अगले दिन आश्रम में भव्य नंदोत्सव का आयोजन किया जाएगा।

United Palamu

यूनाइटेड पलामू के डिजिटल टीम के द्वारा इस न्यूज़ को पूरी तरह से जांच परख कर तैयार किया गया है। उक्त टीम के द्वारा तथ्यों का गहन विश्लेषण करने के बाद न्यूज़ तैयार किया जाता है। न्यूज़ पोस्ट करने के पूर्व उसकी गहन समीक्षा की जाती है। तत्पश्चात न्यूज़ पोस्ट किया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!