महिला थाना हुसैनाबाद पुलिस ने मध्य विद्यालय, जपला में छात्र-छात्राओं को किया जागरूक
Palamu : पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार महिला थाना हुसैनाबाद के पुलिस पदाधिकारियों द्वारा मध्य विद्यालय, जपला में छात्र-छात्राओं के बीच विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान छात्र-छात्राओं को अनुशासन, नशा मुक्ति, साइबर क्राइम, मोबाइल फोन के सदुपयोग एवं दुरुपयोग, सोशल मीडिया की सुरक्षित उपयोगिता, गुड टच एवं बैड टच, छेड़खानी, घरेलू हिंसा एवं डायन प्रथा सहित बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई।

- छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध के प्रति विशेष रूप से जागरूक करते हुए बताया गया कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी निजी जानकारी, फोटो, पासवर्ड, OTP या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें। सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी, साइबर बुलिंग, आपत्तिजनक संदेश, ऑनलाइन ठगी, संदिग्ध लिंक एवं अनजान लोगों से ऑनलाइन संपर्क के प्रति सावधान रहने की सलाह दी गई। किसी भी साइबर अपराध का शिकार होने पर तत्काल अपने अभिभावक, शिक्षक या पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया।
- इसके अलावा बच्चों को बाल शोषण, यौन उत्पीड़न, बाल विवाह, मानव तस्करी तथा बाल अधिकारों के संबंध में भी जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की गलत हरकत, धमकी, दबाव या उत्पीड़न को छिपाने के बजाय तत्काल किसी भरोसेमंद अभिभावक, शिक्षक अथवा पुलिस को इसकी जानकारी दें।
- गुड टच एवं बैड टच के संबंध में बच्चों को अपने शरीर की सुरक्षा एवं व्यक्तिगत सीमाओं के प्रति जागरूक किया गया तथा किसी भी असहज या अनुचित स्पर्श की स्थिति में तुरंत विरोध करने और विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी देने की सलाह दी गई।
- डायन प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के संबंध में जागरूक करते हुए बताया गया कि किसी महिला को डायन बताकर प्रताड़ित करना, मारपीट करना, सामाजिक रूप से बहिष्कृत करना अथवा किसी प्रकार की हिंसा करना अपराध है। ऐसी किसी भी घटना की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई।
- इस दौरान छात्र-छात्राओं को डायल-112 आपातकालीन पुलिस सेवा के बारे में विशेष रूप से जानकारी दी गई। बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति, छेड़खानी, हिंसा, महिला एवं बाल उत्पीड़न, साइबर अपराध अथवा अन्य गंभीर परिस्थिति में डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना दी जा सकती है। सूचना प्राप्त होने पर पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया।
पुलिस पदाधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें तथा अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी नशा, साइबर अपराध, हिंसा, बाल शोषण, डायन प्रथा एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूक करें।
पुलिस का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास, कानून के प्रति सम्मान और किसी भी विपरीत परिस्थिति में पुलिस से सहायता लेने का भरोसा विकसित करना है।




