
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस हेतु उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठक हुई संपन्न
लातेहार:उपायुक्त संदीप कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (National Deworming Day) के सफल आयोजन हेतु जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक का आयोजन किया गया।बैठक में राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस (एनडीडी) कार्यक्रम की तैयारियों एवं सफल संचालन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक के दौरान सिविल सर्जन द्वारा जानकारी दी गई कि जिले में 15 जून 2026 को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस तथा दवा खाने से वंचित बच्चों के लिए 18 जून 2026 को मॉप-अप दिवस आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के तहत 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों, किशोर एवं किशोरियों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी, ताकि बच्चों को कृमि संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सके तथा उनके बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण को सुनिश्चित किया जा सके। इस अभियान के तहत 1से 2 वर्ष के बच्चों को ½ एल्बेंडाजोल टैबलेट(तोड़कर), 2 से 3 वर्ष के बच्चों को 1 एल्बेंडाजोल टैबलेट (तोड़कर) छोटे बच्चों को आवश्यकता अनुसार गोली चूर कर साफ पानी के साथ दी जाएगी तथा 3 से 19 वर्ष के बच्चों के लिए एक एल्बेंडाजोल टैबलेट (चबाकर या पानी से निगलने हेतु) दी जाएगी।
पूरी तरह मसल कर या चबाकर खिलाएं बच्चों को गोली–उपायुक्त
उपायुक्त ने कहा कि एल्बेंडाजोल की गोली देते समय बच्चों के अभिभावक, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य विभागों के कर्मचारी कुछ बातों पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित हो कि छोटे बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली पूरी तरह मसल कर दी जाए। बच्चों के साथ प्यार से बर्ताव करके उन्हें दवाई दी जाए और किसी भी प्रकार की जोर-जबरदस्ती न की जाए। उन्होंने कहा कि एल्बेंडाजोल की गोली स्कूल या आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वास्थ्य कर्मचारी की देखरेख में ही दी जाएगी तथा कोई भी एल्बेंडाजोल की गोली घर ले जाकर बच्चों को नहीं देगा। उपायुक्त ने आम जनमानस से अनुरोध किया है कि वे अपने बच्चों को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के दिन स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्रों में जरूर भेजें।बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं कुपोषण से बचाव के लिए कृमि मुक्ति अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अभियान के दौरान अधिक से अधिक बच्चों को आच्छादित करने का निर्देश दिया। बैठक में संबंधित विभागों को विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में एल्बेंडाजोल दवा एवं आइईसी सामग्री समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग तथा समाज कल्याण विभाग के पदाधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर अभियान को सफल बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अभियान से संबंधित व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अभिभावकों एवं आमजनों में जागरूकता बढ़े।बैठक में स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों को भूख कम लगना, कमजोरी, शौच में रक्त का आना, पेट में दर्द एवं उल्टी का होना, आदि कृमि रोग के लक्षण होते हैं। आंत में कृमि के कारण बच्चों में एनीमिया, कुपोषण एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। ऐसे लक्षण दिखने पर नजदीक के स्वास्थ्य संस्थान में संपर्क करना चाहिए। उन्होंने बताया कि एल्बेंडाजोल की गोली खिलाने से बच्चों को कृमि रोग से मुक्ति मिलेगी। साथ ही बच्चे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहेंगे। उन्होंने बताया कि आंत में कृमि के बचाव के लिए स्वच्छ जल और भोजन का सेवन, खाना खाने से पहले हाथ धोना, खुले में शौच न करना, शौच के बाद हाथ धोना एवं एल्बेंडाजोल की गोली का सेवन करना है।बैठक में अभियान की तैयारियों, दवा की उपलब्धता, प्रशिक्षण, माइक्रोप्लान एवं रिपोर्टिंग व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।बैठक में उप विकास आयुक्त सैय्यद रियाज अहमद, सिविल सर्जन डॉ राजमोहन खलखो, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अल्का हेंब्रम, जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक गौतम कुमार साहू , संबंधित विभागों के पदाधिकारी , स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम, बीपीएम उपस्थित थे।





