
सिकनी कोलियरी बंदी के विरोध में 28 सितंबर को धरना-प्रदर्शन : रवि डे

Latehar : लातेहार जिले की लाइफलाइन माने जाने वाली झारखंड खनिज विकास निगम द्वारा संचालित सिकनी कोलियरी अक्टूबर 2024 से बंद है। कोलियरी बंद हुए करीब दो वर्ष होने को हैं। इसके बंद रहने से जहां झारखंड सरकार को अरबों रुपये के राजस्व की क्षति हो रही है, वहीं हजारों मजदूर और इससे जुड़े लोग बेरोजगार होकर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
मजदूर नेता रवि डे ने आरोप लगाया कि सिकनी कोलियरी को चालू कराने की दिशा में खनिज विकास निगम के अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल आश्वासन और बयानबाजी तक सीमित हैं, जबकि कोलियरी से जुड़े मजदूरों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है।
इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार, 15 सितंबर को सिकनी कोलियरी परिसर में मजदूरों की बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान मजदूरों ने “मजदूर एकता जिंदाबाद”, “खनिज निगम के अधिकारी होश में आओ”, “कोलियरी जल्द चालू करो” सहित विभिन्न नारे लगाए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 28 सितंबर 2026, सोमवार को सिकनी कोलियरी परिसर में खनिज मजदूर संघ के बैनर तले रोषपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। यह जानकारी मजदूर नेता रवि डे ने दी।
खनिज मजदूर संघ के अध्यक्ष सत्येंद्र यादव ने कहा कि सिकनी कोलियरी के बंद होने के लिए खनिज विकास निगम के अधिकारी पूरी तरह जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि कोलियरी को जल्द चालू कराने और अधिकारियों की कथित लापरवाही को उजागर करने के लिए चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।
उन्होंने मजदूरों, स्थानीय लोगों और कोलियरी से जुड़े सभी लोगों से 28 सितंबर को आयोजित धरना-प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की।



