
78 साल बाद भी सड़क और पेयजल से वंचित रतहाखांड़, ग्रामीणों ने उठाई विकास की मांग
Sanjay prajapati @ united palamu
Latehar : मनिका प्रखंड की सिंजो पंचायत अंतर्गत ग्राम बाड़ी के रतहाखांड़ में आजादी के 78 वर्ष बाद भी सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। लगभग 80 परिवारों वाले इस गांव के लोग आज भी कच्ची सड़क से आवागमन करने और एक ही कुएं के पानी पर निर्भर रहने को मजबूर हैं।
मुख्यालय से 3 किमी दूर रतहाखांड़ आज भी सड़क और पेयजल से वंचित

प्रखंड मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर दूर स्थित रतहाखांड़ गांव के ग्रामीण वर्षों से पक्की सड़क की मांग कर रहे हैं। गांव तक पहुंचने के लिए आज भी कच्चे मार्ग का उपयोग करना पड़ता है, जो बरसात में काफी दुर्गम हो जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में अधिकांश आदिवासी एवं अनुसूचित जाति समुदाय के लोग रहते हैं। रामललन गिरी, शेषनाथ गिरी, महेंद्र भुइयां, वीरेंद्र भुइयां, नरेश भुइयां और संजय भुइयां सहित अन्य ग्रामीणों ने मुख्य सड़क से गांव तक लगभग तीन किलोमीटर लंबी पक्की सड़क के निर्माण की मांग की है।
कुवें का पानी पीने को मजबूर हैं ग्रामीण।
पेयजल की स्थिति भी चिंताजनक है। ग्रामीण सकेन्द्र भुइयां ने बताया कि लगभग 25 परिवार एक ही कुएं के पानी पर निर्भर हैं। उनका कहना है कि गांव में न तो हर घर नल-जल योजना का लाभ मिला है और न ही पर्याप्त चापाकल की व्यवस्था है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सड़क निर्माण और पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।




