स्व. पूरनचन्द जी की पुण्यतिथि पर दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि, उनके आदर्शों पर चलने का लिया गया संकल्प
Palamu : पूरनचन्द विचार मंच, पलामू के तत्वावधान में आज स्थानीय पंच मुहान (पूरनचन्द) चौक पर मंच के अध्यक्ष एवं अधिवक्ता श्री रंजन चन्द्रवंशी की अध्यक्षता में स्व. पूरनचन्द जी की पुण्यतिथि अत्यंत श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई।
इस गरिमामय अवसर पर उपस्थित सभी गणमान्य लोगों ने पंच मुहान स्थित स्व. पूरनचन्द जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर एवं पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी।श्रद्धांजलि सभा के दौरान उपस्थित सभी पूरनचन्द प्रेमियों एवं समर्थकों ने “पूरनचन्द अमर रहें” और “जब तक सूरज-चाँद रहेगा, पूरन तेरा नाम रहेगा” जैसे गगनभेदी नारों के साथ उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण किया।

इस कार्यक्रम में पूरनचन्द विचार मंच के संरक्षक सह झारखण्ड सरकार के जल संसाधन विकास विभाग के पूर्व मंत्री श्री रामचन्द्र केसरी तथा वरिष्ठ समाजसेवी श्री ज्ञानचन्द पाण्डेय जी की गरिमामय उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।सभा को संबोधित करते हुए संरक्षक श्री रामचन्द्र केसरी ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि, “स्व. पूरनचन्द जी एक साफ़-सुथरी, ईमानदार और मिलनसार छवि वाले जननेता थे, जिनका संपूर्ण जीवन समाज सेवा को समर्पित रहा।” वहीं, समाजसेवी श्री ज्ञानचन्द पाण्डेय ने उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, “एक जननेता के रूप में पूरनचन्द जी का कार्यकाल सदैव सराहनीय रहा है; वे समाज में एक बेदाग और आदर्श छवि के प्रतीक थे।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अधिवक्ता श्री रंजन चन्द्रवंशी ने स्व. पूरनचन्द जी को नमन करते हुए कहा कि, “स्व. पूरनचन्द जी मात्र एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार थे। उनके उच्च आदर्शों और उनके द्वारा दिखाए गए जनकल्याण के मार्ग पर चलना ही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
पूरनचन्द विचार मंच उनके सपनों का समतामूलक समाज बनाने के लिए सदैव कृतसंकल्पित रहेगा।इस श्रद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से शैलेश चन्द्रवंशी, क्यूम रुमानी, संतोष कुमार, विनोद सोनी, अधिवक्ता शशिभूषण, शिव प्रसाद (नोटरी सह अधिवक्ता), कुश कुमार, हजारी प्रसाद और राजदेव प्रसाद सहित कई गणमान्य लोग एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।


