नशे की लत में बर्बाद हो रहा छोटे बच्चे व युवाओं का भविष्य
Palamu : मेदिनीनगर शहर के जिला स्कूल चौक के पास सोमवार की सुबह एक 10 वर्ष का बच्चा मिला जो सुलेशन के नशे में था और खैनी खा रहा था। उस छोटे बच्चे से पूछने पर पता चला कि वह प्रतिदिन बाजार क्षेत्र में घूम कर लोगों से पैसे मांग कर नशा करता है।

बच्चे से पूछने पर अपना घर मेदिनीनगर शहर के नावाहाता बताया।लोगों से आग्रह है कि इन छोटे बच्चों को पैसा ना दें यदि ये बच्चे पैसा मांगते हैं तो पैसा की जगह पर दुकान से कुछ खाने का सामान खरीद कर इन्हें दें। क्योंकि पैसा देने पर नशा का सेवन कर यह अपना जिंदगी बर्बाद कर रहे है। यह नशा करने वाले बच्चे बाजार क्षेत्र में आपको कहीं भी मिल जाएंगे। लोगों से पैसे लेने के लिए यह तरह-तरह के नाटक भी करते हैं कभी आपके पैर छू लेंगे और कभी तो सड़क पर लेट कर नाटक भी करने लगते हैं। बताते चलें कि समाज एवं राष्ट्र के पुनर्निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। संरक्षण के अभाव में छोटी सी उम्र से ही नशा की लत में पड़ने से उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है। जिससे वे राष्ट्र निर्माण के वाहक न रहकर विध्वंस और अव्यवस्था के प्रतीक बन रहे हैं। शहरी क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्र में इन दिनों युवाओं की कौन कहे छोटे-छोटे बच्चे नशे की लत में शामिल है।ये छोटे-छोटे बच्चे मादक पदार्थों के आदी होते जा रहे हैं। नशे की लत में फंस चुके युवक अन्य तरह के मादक पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। वैसे विद्यालयों के सामने खुली पान-चाय की दुकानों पर उपलब्ध गुटखा, गांजा, भांग सहित नशीली वस्तुएं जहां इसे खुले आम बढ़ावा दे रही है।
अध्यापकों के साथ अभिभावक उदासीन बने हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों बच्चे नशे के लिए एक नई तरकीब अपनाते देखे जा रहे हैं। वे नशे के लिए बाजार में सर्वथा उपलब्ध सनफिक्स बैंड फिक्स सुलेशन का धड़ल्ले से उपयोग करते देखे जा रहे हैं। कई बच्चे सुलेशन के इस कदर आदी हो चुके हैं कि वे दिन भर में 5-6 पैक तक सुलेशन को सूंघकर खत्म कर देते हैं। नशे के रूप में बच्चे सनफिक्स व बोनफिक्स का प्रयोग कर रहे 10 वर्षीय बच्चे ने पूछने पर बताया कि इसे सूंघने से आनंद मिलता है। इसे सूंघने से शरीर में अकड़न आ जाती है। दूसरी तरफ पान दुकानदारों पर कोई प्रतिबंध न होने से छोटे बच्चे भी नशीला सामग्री खुलेआम खरीद रहे हैं।
गुटखा की बिक्री पर प्रतिबंध है, परंतु कुछ दुकानदार इसे धड़ेले से बेच रहे है। छोटी सी उम्र में बच्चों को यूं नशे की लत में पड़ जाना उनके स्वास्थ्य की ष्टिकोण से खतरनाक है। लगातार प्रयोग से जहां मुंह का कैंसर होने की संभावना है।




