होली पर 122 वर्ष बाद 3 मार्च को लगेगा चंद्र ग्रहण : आचार्य चेतन

Ranchi : फाल्गुन पूर्णिमा पर मंगलवार को चंद्र ग्रहण लग रहा है। करीब 122 साल बाद होली पर इस वर्ष चंद्र ग्रहण का संयोग बना है। इस संबंध में आचार्य पंडित चेतन पाण्डेय ने बताया कि यह ग्रहण भारत में दिखेगा। चंद्र ग्रहण हजारीबाग, चतरा, रांची, कोडरमा, गिरिडीह सहित अन्य क्षेत्रों में यह चंद्र ग्रहण शाम 6 बजे चंद्रोदय के समय दिखेगा। यहां यह ग्रहण 48 मिनट का होगा।
उन्होंने बताया कि यहां ग्रस्तोदित खंडचंद्र ग्रहण दिखेगा। ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पूर्व अर्थात प्रातः 09 बजे से शुरू होगा। सूतक काल में मंदिरों के पट बंद रहेंगे। सूतक काल में मंदिरों में प्रवेश, देवी-देवताओं का दर्शन पूजन, प्रतिमाओं का स्पर्श और भोग लगाना वर्जित माना गया है। सूतक काल और ग्रहण काल के दौरान उत्सव मनाने या अन्य शुभ कार्य करने की भी मनाही होती है। भारत में इस ग्रहण की अवधि 48 मिनट होगी। फाल्गुन पूर्णिमा पर सदियों बाद लग रहे चंद्रग्रहण को लेकर लोगों में जहां उत्सुकता दिख रही हैै। आचार्य ने बताया कि यह ग्रहण सिंह राशि पर लग रहा है। ऐसे में सिंह राशि सहित अन्य राशि के जातकों को विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व फाल्गुन अमावस्या को सूर्य ग्रहण लगा था। हालांकि सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं दिया था। लेकिन सूर्य ग्रहण से कई देश प्रभावित हुए थे। शास्त्रों के अनुसार एक महीने में जब दो-दो ग्रहण के योग बनते हैं तब तूफान, भूकंप, मानवीय भूल से बड़ी संख्या में जनहानि होने के योग बनते हैं। एक ही महीने में सूर्य और चंद्र ग्रहण होते हैं तो सेनाओं की हलचल बढ़ती है। सरकारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। प्राकृतिक आपदा आने के योग रहते हैं। चंद्र ग्रहण पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र और सिंह राशि में घटित होगा। ऐसे इस नक्षत्र और राशि में जन्में व्यक्तियों को कष्टप्रद रहेगा।

मंगलवार दिन को ग्रहण लगने से जन-धन की हानि और धातु एवं रस पदार्थों में तेजी भी ला सकता है। इसके साथ साथ ही लूटपाट, चोरी, डकैती, अग्नि कांड, प्रदर्शन जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं। ग्रीष्म और आगामी वर्षा ऋतु में फसलों में रोग का प्रकोप देखने को मिल सकता है। देश की राजनीति में काफी उथल-पुथल की स्थिति बनती दिख रही है।

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