
हुसैनाबाद : किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर उग्र आंदोलन करेंगे पूर्व पार्षद मिथलेश सिंह
Palamu : सोन पाइपलाइन सिंचाई योजना के डीपीआर में हुसैनाबाद मध्य क्षेत्र की महत्वपूर्ण ऊपरी कररबार डैम और हरही सिंचाई डैम को शामिल नहीं किए जाने पर किसानों और जनप्रतिनिधियों में आक्रोश गहराता जा रहा है। पूर्व जिला परिषद प्रत्याशी मिथलेश सिंह ने इसे किसान विरोधी निर्णय बताते हुए कहा है कि इन दोनों जलस्रोतों को बाहर रखना क्षेत्र के किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रारंभिक स्तर पर इन योजनाओं को शामिल करने का भरोसा दिया गया था, लेकिन अंतिम डीपीआर में इन्हें स्थान नहीं देकर किसानों को भ्रमित किया गया है। उन्होंने कहा कि ऊपरी कररबार और हरही सिंचाई योजना के माध्यम से वर्षा ऋतु में लगभग 90 गांवों की करीब पांच हजार एकड़ भूमि की सिंचाई होती है, लेकिन वर्षभर जल उपलब्ध नहीं रहने के कारण रबी फसल की पटवन संभव नहीं हो पाती है। ऐसे में सोन पाइपलाइन योजना से किसानों को बड़ी उम्मीद थी कि इन डैमों में लिफ्ट के माध्यम से जल संचय कर स्थायी सिंचाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, परंतु वर्तमान स्वरूप में यह उम्मीद अधूरी रह गई है। मिथलेश सिंह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों से ऊपरी कररबार और हरही डैम को योजना में शामिल करते हुए जल संचय की व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस ज्वलंत समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे किसानों के साथ मिलकर आंदोलन का रास्ता अपनाने को विवश होंगे। उल्लेखनीय है कि सूखा प्रभावित पलामू क्षेत्र में स्थायी सिंचाई व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से 456.63 करोड़ रुपये की लागत से सोन पाइपलाइन सिंचाई योजना संचालित की जा रही है, जिसका शिलान्यास 10 फरवरी 2024 को तत्कालीन मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन द्वारा किया गया था। योजना के तहत कोयल, सोन और ओरंगा नदियों से लिफ्ट के माध्यम से पानी उठाकर विभिन्न जलाशयों, आहरों और तालाबों में संग्रहित कर वर्षभर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की परिकल्पना की गई है।

इसके अंतर्गत रानीताल, तेमरैन, बुटनडूबा, मलय, पोस्तिया, पनघटवा, कचरावटांड, कुंडलवा, हदहदवा, बतरे, धनकई, ताली, सुखनदिया और करमा कलां सहित कई जलाशयों को जोड़ा जा रहा है।इस योजना से मेदिनीनगर, चैनपुर, सतबरवा, विश्रामपुर, छत्तरपुर, हुसैनाबाद, हैदरनगर और मोहम्मदगंज प्रखंड के कुल 96 गांवों की कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है। योजना के पूर्ण होने पर कृषि उत्पादन में वृद्धि और किसानों की आय में सुधार की संभावना जताई जा रही है।




