
लखनऊ में प्रथम राष्ट्रीय टायराथॉन चैम्पियनशिप 2026 का हुआ भव्य आगाज
12 राज्यों के खिलाड़ियों ने दिखाया दम, देश के इस अनूठे स्वदेशी खेल से निखरेगी ग्रामीण प्रतिभा
लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ऐतिहासिक केडी सिंह बाबू स्टेडियम में गुरुवार को उस समय खेल इतिहास का एक नया अध्याय जुड़ गया, जब ‘प्रथम राष्ट्रीय टायराथॉन चैम्पियनशिप 2026’ का बेहद भव्य और ऊर्जा से भरपूर उद्घाटन हुआ। 4 जून से 6 जून तक चलने वाले इस त्रि-दिवसीय राष्ट्रीय आयोजन में देश के 12 राज्यों से आए सैकड़ों एथलीट हिस्सा ले रहे हैं, जिनका अतिथियों ने करतल ध्वनि के बीच जोरदार उत्साहवर्धन किया। इस गरिमामयी समारोह का शानदार संचालन प्रख्यात लक्ष्मण पुरस्कार विजेता रविकांत मिश्रा ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत परंपरा के अनुसार अतिथियों के सम्मान और विघ्नहर्ता भगवान गणेश की वंदना से हुई। इसके बाद सभी खिलाड़ियों को खेल भावना और सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई गई।

खेल और पर्यावरण का अनूठा संगम
उत्तर प्रदेश ओलम्पिक संघ के महासचिव डॉ. आनंदेश्वर पाण्डेय की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक रहे। मुख्य अतिथि ने मैदान पर पहुंचकर विधिवत रूप से प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों में लखनऊ की महापौर सुषमा खरकवाल, अवनीश सिंह (एमएलसी), पवन सिंह (एमएलसी) और टायराथॉन उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष व विधायक जय कुमार सिंह जैकी मौजूद रहे।
टायराथॉन (Tire-A-Thon) एक ऐसा अनूठा और नवोन्मेषी खेल है जो साधारण टायर को खेल उत्कृष्टता के साधन में बदल देता है। समावेशिता, सुलभता और स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी) के सिद्धांतों पर आधारित यह स्वदेशी भारतीय खेल सीधे तौर पर शारीरिक शक्ति, चपलता (Agility), सहनशक्ति (Stamina) और मस्तिष्क व शरीर (Mind & Body) के बीच बेहतरीन संतुलन को स्थापित करता है। जानकारों का मानना है कि जमीनी स्तर और ग्रामीणांचल से आने वाले एथलीटों के लिए यह खेल एक बेहतरीन मंच साबित होगा।
दिग्गजों ने थपथपाई खिलाड़ियों की पीठ
उद्घाटन समारोह में खिलाड़ियों का जोश बढ़ाते हुए मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस अभिनव प्रयास की सराहना की । महापौर सुषमा खरकवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह खेल बच्चों की रचनात्मकता और शारीरिक तंदुरुस्ती को बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण (टायर रीसाइक्लिंग) का भी अद्भुत संदेश दे रहा है।




