
झारखंड में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया आयाम, एनएचए के CEO डॉ. सुनील कुमार बर्नवाल ने कहा
Ranchi : राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ सुनील कुमार बर्नवाल ने कहा कि बेहतर उपचार के लिए सटीक इलाज जरूरी है, जो तभी संभव है जब मरीज का पूरा स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध हो। डाटा इज द की फॉर बेटर क्योलर एंड ट्रीटमेंट के तहत आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के माध्यम से स्वास्थ्य रिकॉर्ड को जोड़कर एक सशक्त और पारदर्शी हेल्थ सिस्टम तैयार किया जा रहा है, इसपर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सभी अस्पताल एबीडीएम प्लेजटफॉर्म से जुडें। इससे झारखंड को निश्चित तौर पर डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को नया आयाम मिलेगा।

बर्नवाल बुधवार को एबीडीएम के अंतर्गत एबी-पीएम-जय और मेसी अस्पतालों के लिए एबीडीएम इंटीग्रेशन विषय पर चाणक्य बीएनआर होटल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
इस दौरान केंद्र और राज्य के बीच बीएसएनएल और सीडैक के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया। साथ ही झारखंड में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए ई सुश्रुत झारखंड मोबाईल एप, एबीडीएम झारखंड की आधिकारिक बेबसाईट, बीएसएनएल डिजीटल सेतू एप का शुभारंभ किया गया। बर्नवाल ने कहा कि भविष्य में एबीडीएम एनाब्ल्ड एप एचएमआईएस का उपयोग करने वाले अस्पतालों को ही प्राथमिकता के आधार पर पैनल में शामिल किया जाएगा। एनएचसीएक्से इंटीग्रेशन भी अनिवार्य होगा। ऐसे में अस्पतालों से अपील किया कि वे एबीडीएम एनाब्ल्ड एप एचएमआईएसको अपनाएं। मरीजों को भी डिजिटल रिकॉर्ड और उसके लाभों के प्रति जागरूक करें। बर्नवाल ने बताया कि वर्तमान में देशभर में 96 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड लिंक किए जा चुके हैं। 87 करोड़ से अधिक आभा आईडी बनाई जा चुका है। इस प्रकार के आयोजन डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम में मौजूद अंतराल को कम किया जा सकता है।




