Gadhwa : वन विभाग से सेवानिवृत कर्मचारी सरयू राम का निधन,गांव में शोक की लहर, शिक्षक सतीश ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की
Gadhwa : जिले के दुलदुलवा गांव निवासी वन विभाग से सेवानिवृत सरयू राम का 8 नंबर की सुबह आकस्मिक निधन हो गया।जिससे दुलदुलवा गांव में शोक की लहर है।सरयू राम पलामू के शिक्षक सतीश कुमार के दादा थे। शिक्षक सतीश कुमार ने कहा कि उनके दादा सरयू राम का जन्म 01/01/1956 मे गढ़वा जिला के दुलदुलवा गांव में हुआ था। जो गढ़वा जिला के वन विभाग में सरकारी पद पर कार्यरत थे।60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर वह सेवानिवृत हो चुके थे।

सरयू राम अपने जीवन का एक अमूल्य समय वनों की भूमि झारखंड को समर्पित कर दिया था। उनके अंतिम यात्रा में सैकड़ो लोगों की भीड़ उंगली हुई थी। मुक्तिधाम पर उनके बड़े बेटे विजय राम ने उन्हें मुखाग्निक दी।सरयू राम अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।शिक्षक सतीश ने बताया कि बुजुर्गों ने अपने जीवन में काफी उतार-चढ़ाव देखे होते हैं।

उनके वर्षों के अनुभव से हमें ऐसी सलाह मिलती है जो किताबों में नहीं मिलती।उन्होंने कहा की भगवद् गीता के अनुसार, आत्मा कभी नहीं मरती।जिस तरह मनुष्य पुराने वस्त्र त्यागकर नए वस्त्र धारण करता है, उसी प्रकार आत्मा पुराने शरीर को छोड़कर नया शरीर प्राप्त करती है।

उन्होंने कहा की मृत्यु से डरना स्वाभाविक है, लेकिन मृत्यु के भय से मुक्त होकर जीना ही असली जीवन है।





