MMCH : अल्ट्रासाउंड मशीन डेढ़ महीना से खराब, मरोजो की बढ़ी परेशानी
Report : Upendra Kumar Papu @ Bureau Chief
Palamu : मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में संचालित निःशुल्क अल्ट्रासाउंड केंद्र पिछले डेढ़ महीने से तकनीकी खराबी के कारण बंद है। इसका सीधा असर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों पर पड़ रहा है।

यहां प्रतिदिन 50 से अधिक मरीज अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचते हैं, जिनमें गर्भवती महिलाओं की संख्या अधिक रहती है। सामान्य दिनों में करीब 30 मरीजों का निःशुल्क अल्ट्रासाउंड होता था। केंद्र बंद रहने के कारण मरीजों को निजी जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां 500 से 1000 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। इस हिसाब से प्रतिदिन मरीजों की जेब पर 15 से 30 हजार रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
अल्ट्रासाउंड प्रभारी डॉ. जयवंत लकड़ा ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण एक महीने से अधिक समय से मशीन बंद है। प्रतिदिन 50 से अधिक मरीज जांच के लिए आते हैं, लेकिन मशीन खराब रहने से जांच नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि ओपीडी के सुबह के समय अल्ट्रासाउंड सेवा संचालित की जाती थी।
एमआरएमसीएच अधीक्षक डॉ. अजय कुमार ने कहा कि अस्पताल परिसर स्थित अल्ट्रासाउंड केंद्र के रखरखाव की जिम्मेदारी सिविल सर्जन कार्यालय की है। मशीन को ठीक कराने की जिम्मेदारी भी उसी कार्यालय की है।अस्पताल परिसर में संचालित हेल्थ मैप के अल्ट्रासाउंड केंद्र में गर्भवती महिलाओं से 500 रुपये प्रति जांच शुल्क लिया जा रहा है। केंद्र के प्रभारी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (जेएसएसके) के तहत अस्पताल प्रबंधन पर करीब 24 लाख रुपये बकाया है।
भुगतान नहीं होने के कारण निःशुल्क अल्ट्रासाउंड सेवा बंद है। अस्पताल परिसर के बाहर निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों में जांच के लिए 800 से 1000 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। ऐसे में सरकारी अस्पताल में मुफ्त जांच की उम्मीद लेकर आने वाले गरीब मरीजों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।




