MMDR के विरोध में JMM के Yourh brigade Avinash Dev की दहाड़, कहा : झारखंड की धरती का एक कण भी लूटने नहीं देंगे
Avinash Dev ने कहा : झारखंड की धरती लूट का मैदान नहीं है। यह बिरसा, सिदो-कान्हू, नीलांबर-पीतांबर और तिलका मांझी की धरती है
Palamu : MMDR संशोधन अधिनियम के विरोध में विश्रामपुर प्रखंड कार्यालय के समक्ष झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा आयोजित धरना-प्रदर्शन में बतौर मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता अविनाश देव शामिल हुए।

विश्रामपुर प्रखंड झामुमो अध्यक्ष इमामुल अंसारी सहित पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आंदोलनकारी साथियों ने केंद्र सरकार की खनिज नीति के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपा गया। राज्यभर में झामुमो ने आज इसी मुद्दे पर प्रखंड मुख्यालयों में धरना दिया।

झामुमो के यूथ ब्रिगेड अविनाश देव ने स्पष्ट शब्दों में कहा :
झारखंड सिर्फ खनिजों का भंडार नहीं, यह करोड़ों लोगों की अस्मिता, आजीविका और अधिकार की धरती है।कोयला, लोहा, बॉक्साइट, यूरेनियम और अन्य खनिजों से देश को ऊर्जा और उद्योग मिलते हैं, लेकिन सवाल यह है कि जिस धरती से यह संपदा निकलती है, उस झारखंड की जनता के हिस्से में क्या आता है?
केंद्र सरकार के MMDR संशोधन कानून को लेकर झामुमो की आपत्ति केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि राज्य के अधिकार, राजस्व और आदिवासी-मूलवासी समाज के हितों से जुड़ी हुई है। इस संशोधन के प्रावधानों पर राज्य के अधिकारों और आर्थिक हितों को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।

अविनाश देव ने साफ-साफ कहा
जल, जंगल, जमीन और खनिज : झारखंड की पहचान हैं। इन्हें कॉरपोरेट हितों के हवाले करने की किसी भी कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध होगा।बिरसा मुंडा ने जिस धरती के लिए संघर्ष किया,सिदो-कान्हू ने जिस हक के लिए आवाज उठाई,नीलांबर-पीतांबर ने जिस मिट्टी के लिए बलिदान दिया,बाबा तिलका मांझी ने जिस स्वाभिमान की लड़ाई लड़ी, उस झारखंड की संपदा को हम चुपचाप लुटते हुए नहीं देख सकते।

देश का नौजवान मांग रहा है रोजगार
देश का नौजवान रोजगार मांग रहा है, विद्यार्थी बेहतर शिक्षा मांग रहे हैं, ग्रामीण अपने अधिकार और सम्मान की मांग कर रहे हैं। ऐसे समय में विकास के नाम पर झारखंड की प्राकृतिक संपदा और राज्य के अधिकारों से जुड़े सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
हम विकास के विरोधी नहीं हैं। हम ऐसी व्यवस्था के पक्षधर हैं जिसमें झारखंड की खनिज संपदा से झारखंड की जनता का भी न्यायपूर्ण अधिकार सुनिश्चित हो।आज का यह धरना सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंड के हक और अधिकार की आवाज है।

अविनाश देव ने कहा : हमारी मांगें स्पष्ट है
- MMDR संशोधन कानून पर पुनर्विचार हो।
- झारखंड के संवैधानिक एवं आर्थिक अधिकार सुरक्षित रहें।
- जल-जंगल-जमीन और खनिज संसाधनों पर आदिवासी-मूलवासी समाज के हितों की रक्षा हो।
- झारखंड की धरती बिकाऊ नहीं है।झारखंड का स्वाभिमान झुकाऊ नहीं है।
- जल-जंगल-जमीन और खनिज की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।



