Palamu NPU में घोटाला! गोपनीय छपाई के नाम पर फूंक डाले छात्र व छात्राओं के लाखो रुपए
छात्र नेताओं ने भरी हुंकार, कहा : ऑडिट टीम ने पकड़ा फर्जीवाड़ा, अब दोषियों से होगी पाई-पाई की वसूली
गोपनीय छपाई में ₹2.14 लाख से अधिक के अतिरिक्त भुगतान के वसूली का आदेश
Mediininagar: नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (NPU) में गोपनीय मुद्रण (Printing) कार्य में तय दरों से अधिक भुगतान करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। विशेष अंकेक्षण (Special Audit) की जाँच रिपोर्ट में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने के बाद, ₹2,14,784 (दो लाख चौदह हजार सात सौ चौरासी रुपये) की वसूली करने और दोषी अधिकारी या कर्मचारी पर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस बात की जानकारी आपसु और एनएसयूआई के नेताओं ने पत्रकारों को दी।

क्या है पूरा मामला ?
दस्तावेज़ के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन और KOEL एजेंसी (जानकी ईमेल प्रा० लि०) के बीच 6 फरवरी 2023 को गोपनीय मुद्रण कार्य के लिए एक इकरारनामा (Agreement) हुआ था। इस समझौते की वैधता (Validity) तीन वर्षों के लिए तय की गई थी, जिसके तहत मुद्रण की दरें पहले से निर्धारित थीं। जाँच में पाया गया कि सत्र 2022-26 की तृतीय सेमेस्टर (3rd Semester) परीक्षा-2025 के कुछ विषयों (जैसे MDB-3 SEC-3 Ele. Comp. Appl. Soft Set-I एवं Set-II) के प्रश्नपत्रों की छपाई के लिए 9 अप्रैल 2025 को कार्यादेश जारी किया गया था। इस कार्य का भुगतान पुरानी निर्धारित दरों के बजाय 14 जून 2025 से लागू हुई नई और बढ़ी हुई दरों पर कर दिया गया। नियमों की अनदेखी ऑडिट रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कार्यादेश 9 अप्रैल 2025 को जारी हुआ था, जो कि नई दरें लागू होने (14 जून 2025) से पहले की तारीख थी। नियमानुसार, इस कार्य का भुगतान फरवरी 2023 के मूल इकरारनामे में तय दरों के आधार पर ही किया जाना चाहिए था। बढ़ी हुई दरों पर भुगतान किए जाने के कारण विश्वविद्यालय कोष को ₹2,14,784 का अतिरिक्त नुकसान हुआ है।
ऑडिट निदेशालय सख्त
रिकवरी के आदेश अंकेक्षण (Audit) निदेशालय ने इस मामले को वित्तीय विसंगति माना है और निम्नलिखित कड़े निर्देश जारी किए हैं :
- दोषियों से वसूली: तय दर से अधिक भुगतान की गई कुल राशि ₹2,14,784 को संबंधित दोषी या उत्तरदायी व्यक्ति से वसूल किया जाए।
- विश्वविद्यालय कोष में जमा: वसूल की गई राशि को विश्वविद्यालय के उचित खाते (शीर्ष) में जमा कराया जाए।
- रिपोर्ट भेजने के निर्देश: इस पूरी कार्रवाई की जानकारी निदेशक, अंकेक्षण निदेशालय, वित्त विभाग, झारखंड, रांची को जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाए।
परीक्षा , परिणाम और प्रमाण पत्र से ज्यादा पैसे बांटने की जल्दी में परीक्षा विभाग
सत्र देरी, परीक्षा परिणाम में सुस्ती, प्रमाण पत्र वितरण में लापरवाही लेकिन भुगतान में नियमों को ताक पर रख कर भुगतान किया जाना साफ बताता है की कुलपति के साथ साथ परीक्षा विभाग की भूमिका भी संलिप्त रही है छात्रों का कहना है की अधिकारी बच्चे के भविष्य के बजाए पैसे कैसे कमाएं इसके लिए ज्यादा बैठक करते हैं ।
गोपनीय छपाई में ₹2.14 लाख की वित्तीय अनियमितता पर KOEL एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करे झारखंड सरकार और राज्यपाल : राहुल
आपसू नेता राहुल दुबे ने KOEL कंपनी को इस हेराफेरी के लिए ब्लैकलिस्टेड करने की मांग की है। श्री दुबे ने बताया की अपने ही अनुबंध को तोड़ कर अधिक भुगतान प्राप्त कर वित्तीयअनियमितता में शामिल हुई है ब्लैकलिस्टेड कर पुरी रकम वसूल हो ।
करोड़ों के घोटाले के बाद लोकभवन मौन क्यों : अमरनाथ
एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष अमरनाथ तिवारी ने विगत दो वर्षों में एनपीयू में करोड़ों के गबन और घोटाले की पुष्टि राज्यपाल सचिवालय द्वारा गठित अंकेक्षण रिपोर्ट में साबित हो चुका है फिर लोकभवन और माननीय कुलाधिपति मौन क्यों हैं यह समझ से परे, माननीय को तत्काल संज्ञान लेकर एनपीयू के सारे दस्तावेज सीज कर कुलपति को पदमुक्त करना चाहिए और प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए।
सरकार घोटाले पर चुप्पी क्यों साध रही : कमलेश
आपसू नेता कमलेश कुमार पाण्डेय ने अंकेक्षण रिपोर्ट में गबन और घोटाले सामने आ चुके हैं उसके बाद भी सरकार की खामोशी संदेहास्पद है। स्थानीय वित्त मंत्री तत्काल सभी संलिप्त पदाधिकारी पर प्राथमिकी दर्ज करते हुए इन्हे पदमुक्त करने की अनुशंसा करें और विगत दो वर्षों के घोटाले के जो भी मामले आए हैं सभी की सीआईडी जांच कराए ।




