
छठ घाटों की स्वच्छता में एसवीएम के छात्र छात्राओं ने निभाई सहभागिता

Latehar : लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के आगमन को लेकर सरस्वती विद्या मंदिर, लातेहार के भैया-बहनों ने सामाजिक सहभागिता एवं स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी का सराहनीय परिचय दिया। इस अवसर पर विद्यालय के कक्षा दशम के भैया एवं कक्षा नवम के भैया-बहनों ने लातेहार स्थित छठ घाटों की स्वच्छता में सक्रिय योगदान दिया।
भैया-बहनों ने पूरे उत्साह एवं समर्पण के साथ स्वच्छता अभियान में भाग लेकर छठ महापर्व के स्वागत का संदेश दिया।इस कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव राजीव रंजन पांडेय जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके साथ अन्य आचार्य-दीदी जी भी उपस्थित रहे।इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति के राजीव रंजन पांडेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि छठ महापर्व लोक आस्था का सबसे बड़ा पर्व है।
यह पर्व सामाजिक समरसता, सामूहिक सहभागिता एवं एकता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है। समाज के सभी वर्गों के लोग मिल-जुलकर स्वच्छ एवं पवित्र वातावरण में इस महापर्व को संपन्न करते हैं तथा भगवान सूर्य एवं छठी मैया के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा एवं आस्था प्रकट करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता के प्रति जागरूकता और सामाजिक दायित्व का निर्वहन ही सच्ची सांस्कृतिक चेतना का परिचायक है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य उत्तम कुमार मुखर्जी ने छठ महापर्व के धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि छठ पूजा केवल आस्था और उपासना का पर्व नहीं, बल्कि स्वच्छता, पवित्रता, अनुशासन एवं प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भी संदेश देता है। इस महापर्व में स्वच्छता का विशेष महत्व है। छठ घाटों एवं आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। विद्यार्थियों को ऐसे सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यों में बढ़-चढ़कर सहभागिता करनी चाहिए।
इस स्वच्छता अभियान के माध्यम से विद्यालय के भैया-बहनों ने
यह संदेश दिया कि पर्व-त्योहारों की वास्तविक सुंदरता केवल उत्सव मनाने में नहीं, बल्कि उनके मूल्यों को अपने व्यवहार में उतारने में है। स्वच्छ घाट, स्वच्छ परिवेश और सामूहिक सहभागिता के साथ छठ महापर्व का स्वागत करना हम सभी का कर्तव्य है।विद्यालय का यह प्रयास विद्यार्थियों में सेवा, संस्कार, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल रही।





