झारखंड कैबिनेट : जंगली जानवरों के हमले में मौत पर अब सरकार देगी 10 लाख की सहायता

Ranchi : राज्य में जंगली जानवरों के हमले में मौत पर अब राज्य सरकार 10 लाख रुपये की सहायता राशि। पूर्व में यह राशि चार लाख रुपये थी। यह निर्णय सोमवार को कैबिनेट की बैठक में लिया गया। कैबिनेट में लिए गए फैसलों की जानकारी कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने दी। कैबिनेट की बैठक में कुल 23 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

कैबिनेट सचिव ने बताया कि जंगली जानवरों के हमले में हुई मौत पर 10 लाख रुपये की सहायता राशि में से एक लाख रुपये तत्काल नकद के रूप में मृतक के परिजनों को दी जाएगी, चार लाख रुपये का चेक के जरिए भुगतान और शेष पांच लाख रुपये मृतक के आश्रित के नाम पर पांच वर्षों के लिए फिक्स कर दिया जाएगा। इसके अलावा मृतक के आश्रित को मुआवजा राशि के अलावा दो हजार रुपये तीन वर्षों तक पेंशन के रूप में बैंक खाते के जरिए किया जाएगा। घायल होने पर डेढ़ लाख की जगह अब दो लाख रुपये, हल्के रूप से घायल होने पर 25 हजार की जगह अब 35 हजार रुपये मिलेंगे।

अपंगता की स्थति में अब मिलेंगे 3.50 लाख रुपये

जंगली जानवरों के हमले में ग्रामीण के स्थायी रूप से अपंग होने पर 3.25 लाख की जगह अब 3.50 लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं मकान के पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त् होने पर (आईएपी जिलों)1.30 लाख की जगह अब दो लाख रुपये प्रति इकाई, गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त, मकान (पक्का और कच्चा नॉन आईएपी जिले) 1.20 लाख की जगह अब 1.30 रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा भंडारित अनाज के नुकसान पर पूर्व के 2600 प्रति क्विंटल की जगह अब 3600 रुपये प्रति क्विंटल क्षतिपूर्ति की राशि के रूप में दी जाएगी।

इसके अलावा ग्रामीणों के पशुओं भैंस, गाय और बैल की मौत पर पूर्व के 50 हजार की जगह अब 60 हजार रुपये, खुले में चरनेवाले पशुओं की मौत पर 25 हजार की जगह अब 30 हजार, बछडे या बछिया की मौत पर आठ हजार की जगह अब 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा, मुर्गा और मुर्गी की मौत पर 100 रुपये और अधिकतम 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। फसल की क्षति पर भूमिधर किसान की ओर से स्वयं फसल उपजाने के मामले में 32,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर मुआवजा राशि दी जाएगी।

उल्लेखनीय है कि जंगली जानवरों से मृत्यु पर छत्तीसगढ, मध्य प्रदेश, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र् में भी 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है।

राज्यकर्मियों को अब मिल सकेगा अग्रिम वेतन

कैबिनेट में राज्य कर्मियों के लिए अग्रिम वेतन और क्रेडिट सुविधा शुरू करने का फैसला लिया गया। इसके तहत कर्मचारी 30 दिनों तक का अग्रिम वेतन ले सकेंगे। इस राशि का भुगतान 02 महीने से 60 महीने की अवधि में किया जा सकेगा। इसके लिए वित्तीय संस्थानों का चयन किया जाएगा।

कैबिनेट के अन्य फैसले

  • विभिन्न विभागों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों और डाटा एंट्री ऑपरेटरों के वेतनमान में एकरूपता लाने का निर्णय लिया गया है। नई नियुक्तियां पे-लेवल-2 के तहत की जाएंगी।
  • कैबिनेट ने सड़क चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्यों के लिए 162 करोड़ रुपये से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। वहीं पलामू की अमानत बराज योजना के लिए 947 करोड़ रुपये से अधिक की संशोधित लागत को मंजूरी दी गई।
  • बोकारो के पर्वतपुर और सीतानाला कोल ब्लॉक के लिए जेएसडब्लू स्टील लिमिटेड और गोड्डा के जीतपुर कोल ब्लॉक के लिए केरी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड को खनन पट्टों की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा झारनेट 2.0 परियोजना की अवधि वित्तीय वर्ष 2026-27 तक बढ़ा दी गई है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से मोटरयान निरीक्षकों की नियुक्ति को मंजूरी दी गई। गोड्डा और बोकारो समाहरणालय में अनियमित रूप से नियुक्त कर्मियों की सेवा नियमित करने का फैसला भी लिया गया। इसके अलावा कैबिनेट ने रोहितस्य राय को राज्य का महाधिवक्ता नियुक्त किए जाने की घटनोत्तर स्वीकृति दी। साथ ही वन विभाग के कार्यों के निष्पादन के लिए विभागीय और ठेकेदार आधारित हाइब्रिड मॉडल को भी मंजूरी दी गई।
  • पथ प्रमंडल रांची अंतर्गत नामकुम से डोरंडा पथ 6.70 किमी के चार लेन में चौड़ीकरण और मजबूतीकरण 01 अरब 62 करोड 82 लाख रुपये की द्वितीय पुनरीक्षित राशि स्वीकृति दी गई।
  • मुरारी भगत, सेवानिवृत अभियंता प्रमुख की ओर से सेवा काल में धारित उच्चतर प्रभारी पदों के विरूद्ध वेतन और अन्य लाभ देने का निर्णय लिया गया।
  • झारखंड स्टे ट वाइड एरिया नेटवर्क (झारनेट 2.0) परियोजना की अवधि को वित्तीय वर्ष 2023-24 (एक जनवरी 2024) से वित्तीय वर्ष 2026-27 (31 जुलाई 2026 तक) के लिए विस्तारित करने और वित्तीय वर्ष 2026-27

(31 जुलाई 2026 तक) में 65.50 करोड़ व्यय की स्वीकृति दी गई।

  • गोड्डा समाहरणालय और इससे संबंधित कार्यालयों में अनियमित रूप से नियुक्त 05 कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।
  • बोकारो जिला के चन्दनकियारी अंचल के पर्वतपुर कोल ब्लॉक के मौजा-केन्दुलिया, डिबरदा, बिराजडीह, नावाडीह, तेलगड़िया, देवग्राम, पर्बतपुर, तिलटांड़, अमलाबाद, करमाटांड, नयावन, सिलफोर, फतेहपुर के 2174.52 एकड़ (880 हेक्टे5यर) क्षेत्र में कोयला के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।
  • भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का झारखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के क्रियान्वयन पर रिपोर्ट को झारखंड विधानसभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।
  • बांध सुरक्षा अधिनियम-2021 के तहत झारखंड राज्य में वृहद् एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं के अंतर्गत विनिर्दिष्ठ बांधों एवं उनके जलाशयों की स्थिति अवधारित करने के लिए विशेषज्ञों का स्वतंत्र पैनल के गठन की स्वीकृति दी गई।
  • वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अन्तर्गत कार्यों के कार्यान्वयन के लिए हाईब्रिड मॉडल (विभागीय / पीस वेजेज एवं ठेकेदार पद्धति लागू किये जाने) को अंगीकृत करने की स्वीकृति दी गई।
  • राज्य के विभिन्न विभागों की ओर से क्षतिपूरक वनरोपण के लिए वन विभाग को सरकारी और गैरमजरूआ किस्म की भूमि के निःशुल्क स्थायी हस्तांतरण और इससे संबंधित सभी मामलों के निस्तार की शक्ति उपायुक्त को देने का निर्णय लिया गया।
  • पूर्वी सिंहभूम जिलान्तर्गत हरियान, बारूनमूति, चडरीबुरू और गुड़ाबांधा एमराल्ड खनिज ब्लॉक के रकबा 24.47 वर्ग किमी को एमएमडीआी एक्ट -1957 में आरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार का अनुमोदन प्राप्त करने की स्वीकृति दी गई।
  • गोड्डा जिला के सुन्दरपहाड़ी अंचल अन्तर्गत जीतपुर कोल ब्लॉक के रकवा 497.10 हेक्टेयर क्षेत्र पर मेसर्स टेरी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड को कोयला खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।

United Palamu

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